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[1] यहोवा बर एक नवां गीत गावव, काबरकि ओह अद्भूत काम करे हवय; ओकर जेवनी हांथ अऊ ओकर पबितर बाहां ह ओकर बर उद्धार के काम करे हवय।

[2] यहोवा ह जाति-जाति के मनखेमन ला अपन करे गय उद्धार ला बताय हवय अऊ ओमन ऊपर अपन धरमीपन ला परगट करे हवय।

[3] ओह इसरायल बर अपन मया अऊ अपन बिसवासयोग्यता ला सुरता करे हवय; धरती के जम्मो छोर तक मनखेमन हमर परमेसर के करे गय उद्धार ला देखे हवंय।

[4] हे धरती के जम्मो मनखेमन, यहोवा बर आनंद के मारे चिचियावव, बाजा बजाके आनंद के गीत जोर-जोर से गावव;

[5] बीना बजाके यहोवा के इस्तुति करव, बीना बजाके गीत गावत ओकर इस्तुति करव,

[6] तुरही अऊ नरसिंगा के ऊंचहा अवाज के संग यहोवा, हमर राजा के आघू म आनंद के मारे जय-जयकार करव।

[7] समुंदर, अऊ येमा के जम्मो चीज, संसार, अऊ येमा रहइया जम्मो चीज जय-जयकार करंय।

[8] नदीमन ताली बजावंय, पहाड़मन एक संग आनंद के गीत गावंय;

[9] ओमन ला यहोवा के आघू म गावन दव, काबरकि ओह धरती के नियाय करे बर आथे। ओह संसार के नियाय धरमीपन के संग अऊ मनखेमन के नियाय बरोबरी के अधार म करही।

भजन-संहिता — Chapters