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[1] हे यहोवा, मोला दुस्ट काम करइयामन ले छुड़ा; हिंसा करइयामन ले मोला बचा,

[2] जऊन मन अपन मन म दुस्ट काम करे के योजना बनाथें अऊ हर दिन लड़े बर भड़कावत रहिथें।

[3] ओमन के बोलई ह सांप के काटे सहीं अय; ओमन के ओंठ म करैत सांप के जहर हवय।

[4] हे यहोवा, दुस्ट मनखेमन के हांथ ले मोर रकछा कर; हिंसक मनखेमन ले मोला बचा, जऊन मन मोर पांव म चोट पहुंचाय के योजना बनाय हवंय।

[5] घमंडी मनखेमन मोला फंसाय बर फांदा छुपाय हवंय; ओमन अपन जाल के डोर ला बिछाय हवंय अऊ मोर रसता म मोर बर फांदा लगाय हवंय।

[6] मेंह यहोवा ले कहिथंव, “तेंह मोर परमेसर अस।” हे यहोवा, दया के मोर पुकार ला सुन।

[7] हे परमपरधान यहोवा, तेंह सामर्थी छुड़ानेवाला अस, तेंह लड़ई के दिन म मोर मुड़ के ढाल बनथस।

[8] हे यहोवा, दुस्टमन के ईछा ला पूरा झन कर; ओमन के योजना ला सफल झन होवन दे।

[9] जऊन मन मोला चारों कोति ले घेरे हवंय अऊ घमंड से मुड़ उठाय हवंय; ओमन के मुहूं के दुस्टता के बात ओहीचमन ला खा जावय।

[10] बरत कोइला ओमन ऊपर गिरय; ओमन ला आगी म झोंके जावय, ओमन चीखला ले भरे खंचवा म फटिक दिये जावंय, जिहां ले ओमन कभू उठ नइं सकंय।

[11] निन्दा करइयामन देस म स्थापित झन होवंय; हिंसा करइयामन ऊपर बिपत्ति पड़य।

[12] मेंह जानथंव कि यहोवा ह गरीब-दुखीमन के नियाय करथे अऊ जरूरतमंद के मामला ला संभालथे।

[13] खचित धरमीमन तोर नांव के परसंसा करहीं अऊ ईमानदारमन तोर आघू म रहिहीं।

भजन-संहिता — Chapters