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[1] मेंह ओमन के संग आनंद मनाथंव, जऊन मन मोला कहिन, “आवव, यहोवा के घर चलबो।”

[2] हे यरूसलेम, तोर दुवारमन म हमन खड़े हवन।

[3] यरूसलेम ला ओ सहर के सहीं बनाय गे हवय, जेकर घरमन एक-दूसर ले एक संग जुड़े हवंय।

[4] ओही ह ओ जगह ए, जिहां गोत्र-गोत्र के मनखे— यहोवा के गोत्र के मनखे यहोवा के नांव के परसंसा करे बर जाथें, अऊ ये परसंसा के काम इसरायल ला दिये गय नियम के मुताबिक होथे।

[5] उहां नियाय बर सिंघासनमन हवंय, अऊ ओमन दाऊद के घराना के सिंघासन अंय।

[6] यरूसलेम के सांति बर पराथना करव: “जऊन मन तोर ले मया करथें, ओमन सुरकछित रहंय।

[7] तोर दीवारमन के भीतर म सांति अऊ तोर गढ़मन म सुरकछा बने रहय।”

[8] अपन परिवार अऊ संगवारीमन के हित म, मेंह कहिहूं, “तुमन म सांति रहय।”

[9] यहोवा, हमर परमेसर के घर के हित म मेंह तुम्हर उन्नति के कोसिस म रहिहूं।

भजन-संहिता — Chapters