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[1] यहोवा के परसंसा करव। हमर परमेसर के परसंसा के गीत गवई ह उत्तम बात ए, ओकर परसंसा करई ह उत्तम अऊ खुसी के बात ए!

[2] यहोवा ह यरूसलेम ला बनाथे; ओह इसरायल के बंधुवई म गय मनखेमन ला इकट्ठा करथे।

[3] ओह निरास-हतास मनखेमन के दुख ला दूर करथे अऊ ओमन के घाव म पट्टी बांधथे।

[4] ओह तारामन के संखिया ला निरधारित करथे अऊ ओमा के हर एक के नांव रखथे।

[5] महान ए हमर परभू अऊ अति सामर्थी ए; ओकर समझ के कोनो सीमना नइं ए।

[6] यहोवा ह नम्र मनखे ला संभाले रखथे पर दुस्ट मनखे ला भुइयां म गिरा देथे।

[7] धनबाद के संग यहोवा के परसंसा के गीत गावव; हमर परमेसर बर बीना बजावव।

[8] ओह अकास ला बादरमन ले ढांपथे; ओह धरती ऊपर बारिस भेजथे अऊ पहाड़ीमन म कांदी उगाथे।

[9] ओह पसुमन ला आहार देथे अऊ जब कऊआ चिरई के पीलामन चिचियाथें, त ओमन ला चारा खवाथे।

[10] ओह घोड़ा के सक्ति ले खुस नइं होवय, न ही ओह योद्धा के गोड़मन ले खुस होथे;

[11] यहोवा ह ओमन ले खुस होथे, जऊन मन ओकर भय मानथें, जऊन मन ओकर अटूट मया ऊपर अपन आसा रखथें।

[12] हे यरूसलेम, यहोवा के महिमा कर; हे सियोन, अपन परमेसर के परसंसा कर।

[13] ओह तोर दुवार के खंभामन ला मजबूत करथे अऊ तोर भीतर तोर मनखेमन ला आसीस देथे।

[14] ओह तोर सीमना म सांति बनाय रखथे अऊ सबले उत्तम गहूं के रोटी ले संतुस्ट करथे।

[15] ओह धरती ऊपर अपन हुकूम भेजथे; ओकर बचन बहुंत तेजी से जाथे।

[16] ओह बरफ ला ऊन के सहीं फईलाथे अऊ पाला ला राख के सहीं बगराथे।

[17] ओह पथरा के सहीं करा गिराथे। कोन ह ओकर सीत-लहर ला सह सकथे?

[18] ओह हुकूम देके ओमन ला टघला देथे; ओह ठंडा हवा चलाथे, अऊ पानी बहे लगथे।

[19] ओह याकूब ला अपन बात, अऊ इसरायल ला अपन कानून अऊ नियम बताय हवय।

[20] कोनो आने जाति के मनखेमन बर ओह ये काम नइं करे हवय; ओमन ओकर कानून ला नइं जानंय। यहोवा के परसंसा करव।

भजन-संहिता — Chapters