[1] हे यहोवा, मोर बात ला सुन, मोर बिलाप करई ऊपर धियान दे।
[2] हे मोर राजा अऊ मोर परमेसर, मदद बर मोर गोहार ला सुन, काबरकि तोरेच ले मेंह पराथना करत हंव।
[3] हे यहोवा, बिहनियां के बेरा तेंह मोर गोठ ला सुनथस; बिहनियां के बेरा मेंह तोर ले बिनती करथंव अऊ तोर जबाब के बाट जोहथंव।
[4] काबरकि तेंह अइसन परमेसर नो हस, जऊन ह दुस्टता ले खुस होथे; दुस्ट मनखेमन तोर संग नइं रह सकंय।
[5] घमंडी मनखे ह तोर आघू म ठाढ़ नइं हो सकय। तेंह जम्मो दुस्ट काम करइयामन ले घिन करथस;
[6] तेंह ओमन ला नास कर देथस, जेमन लबारी मारथंय। यहोवा ओमन ले घिन करथे, जेमन खून करथें अऊ धोखा देथें।
[7] पर मेंह तोर बड़े मया के कारन तोर घर म आ सकत हंव; आदर म तोर पबितर मंदिर कोति मेंह मुड़ नवाथंव।
[8] हे यहोवा, अपन धरमीपन म मोर अगुवई कर, मोर बईरीमन के कारन— मोर आघू म तोर रद्दा ला सीधा देखा।
[9] ओमन के मुहूं के एको ठन बात ऊपर भरोसा नइं करे जा सकय; ओमन के मन ह डाह-बैर ले भरे हवय। ओमन के टोंटा ह एक खुला कबर ए; अपन जीभ ले ओमन लबारी मारथें।
[10] हे परमेसर, ओमन ला दोसी ठहिरा! ओमन के चालबाजी ह ओमन के गिरे के कारन होवय। ओमन के बहुंते पाप के कारन ओमन ला बाहिर निकाल दे, काबरकि ओमन तोर बिरूध बिदरोह करे हवंय।
[11] पर जेमन तोर करा सरन लेथें, ओमन खुस होवंय; ओमन हमेसा आनंद के गीत गावंय। ओमन ला अपन सुरकछा म रख, ताकि जऊन मन तोर नांव ले मया करथें, ओमन तोर म आनंद मनावंय।
[12] हे यहोवा, सही म तेंह धरमी जन ला आसीस देथस; तेंह एक ढाल के सहीं ओमन ला अपन अनुग्रह के घेरा म रखथस।