[1] हे यहोवा, मेंह तोर सरन म हंव; मोला कभू लज्जित झन होवन दे; अपन धरमीपन के कारन मोला छुड़ा ले।
[2] मोर कोति अपन कान लगा, अऊ मोला बचाय बर जल्दी आ; मोर सरन के चट्टान बन, अऊ मोला बचाय बर एक मजबूत गढ़ बन जा।
[3] जब तेंह मोर चट्टान अऊ मोर गढ़ अस, त अपन नांव के खातिर मोर अगुवई कर अऊ मोला डहार देखा।
[4] मोर बर लगाय गे फांदा ले मोला बचा ले, काबरकि तेंह मोर सरन लेय के जगह अस।
[5] तोर हांथ म मेंह अपन आतमा ला सऊंपत हवंव; हे यहोवा, मोर बिसवासयोग्य परमेसर, मोला छोंड़ा ले।
[6] मेंह ओमन ले घिन करथंव, जऊन मन बेकार के मूरतीमन म मन लगाय रहिथें; जहां तक मोर बात ए, मेंह यहोवा के ऊपर भरोसा करथंव।
[7] मेंह खुस होहूं अऊ तोर मया म आनंद मनाहूं, काबरकि तेंह मोर दुख ला देखे हस अऊ मोर आतमा के पीरा ला जाने हस।
[8] तेंह मोला बईरीमन के हांथ म नइं दे हस पर मोर गोड़ ला चाकर जगह म मढ़ाय हस।
[9] हे यहोवा, मोर ऊपर दया कर, काबरकि मेंह दुख-तकलीफ म हवंव; दुख के मारे मोर आंखी, मोर जीव अऊ मोर देहें ह कमजोर होवत हे।
[10] मोर जिनगी ह दुख-पीरा अऊ जम्मो बछरमन कलहरत-कलहरत खतम होवथें; मोर दुख के कारन मोर ताकत ह कम होवथे, अऊ मोर हाड़ामन कमजोर होवत हें।
[11] मोर जम्मो बईरीमन के कारन, मेंह मोर परोसीमन के बहुंत अपमान के बिसय अऊ मोर नजदीकी संगवारीमन बर एक डर के बिसय हो गे हवंव— जऊन मन मोला सड़क म देखथें, ओमन मोर ले दूरिहा भागथें।
[12] मरे मनखे के सहीं मोला भुला दिये गे हवय; मेंह माटी के टूटहा-फूटहा बरतन सहीं हो गे हवंव।
[13] मेंह सुनत हंव कि बहुंते जन ये कानाफूसी करत हंय, “आतंक ह जम्मो कोति हवय!” ओमन मोर बिरूध गोस्टी करथें अऊ मोर परान लेय के योजना बनाथें।
[14] पर हे यहोवा, मेंह तोर ऊपर भरोसा करथंव; मेंह कहिथंव, “तेंह मोर परमेसर अस।”
[15] मोर जिनगी ह तोर हांथ म हवय; मोला मोर बईरीमन के हांथ ले, मोर पीछा करइयामन के हांथ ले छुड़ा।
[16] तोर सेवक के ऊपर तोर मुहूं के अंजोर चमकय; अपन बहुंत मया के कारन मोर उद्धार कर।
[17] हे यहोवा, मोला लज्जित झन होवन दे, काबरकि मेंह तोर करा गोहारे हंव; पर दुस्ट मनखे ह लज्जित होवय अऊ मिरतू-लोक म चुप रहय।
[18] ओमन के लबारी बात कहइया मुहूं ह बंद हो जावय, काबरकि घमंड अऊ अपमान के संग ओमन धरमीमन के बिरूध बड़े अभिमान से गोठियाथें।
[19] कतेक जादा हवंय बने-बने चीजमन, जेला तेंह ओमन बर कुढ़ोके रखे हस, जेमन तोर भय मानथें, ताकि तेंह येला जम्मो के देखत म ओमन ला दे, जेमन तोर सरन म आथें।
[20] अपन उपस्थिति के आसरय म तेंह ओमन ला मनखेमन के जम्मो सडयंत्र ले छुपा लेथस; तेंह ओमन ला अपन निवास म दोस लगइयामन ले बचाके रखथस।
[21] यहोवा के परसंसा होवय, काबरकि जब मेंह बईरीमन ले घेराय एक सहर म रहेंव, त ओह मोला अपन अद्भूत मया देखाईस।
[22] घबराहट म मेंह कहेंव, “मेंह तोर नजर ले दूरिहा हो गे हवंव!” तभो ले जब मेंह तोला मदद बर पुकारेंव, त तेंह मोर दया के गोहार ला सुनय।
[23] हे ओकर जम्मो बिसवासयोग्य मनखेमन, यहोवा ले मया करव! यहोवा ह ओमन ला सुरकछित रखथे, जऊन मन ओकर बर ईमानदार रहिथें, पर घमंडी मनखे ले ओह पूरा बदला लेथे।
[24] हे यहोवा ऊपर आसा रखइया जम्मो मनखेमन, मजबूत बनव अऊ धीरज धरे रहव।