Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 2:34

[1] यहोवा, जऊन ह मोर चट्टान ए, ओकर परसंसा होवय, जऊन ह मोर हांथ अऊ मोर अंगरीमन ला लड़ई करे बर तियार करथे।

[2] ओह मोर मयारू परमेसर अऊ मोर किला, मोर मजबूत गढ़ अऊ मोर छुड़ानेवाला, मोर ढाल ए, जेमा मेंह सरन लेथंव, जऊन ह मनखेमन ला मोर अधीन कर देथे।

[3] हे यहोवा, मनखेमन का अंय कि तेंह ओमन के खियाल रखथस? ओमन सिरिप मरनहार मनखे अंय, जेमन के बारे म तेंह सोचथस।

[4] ओमन तो सांस के सहीं अंय; ओमन के उमर ह ढरत छइहां सहीं अय।

[5] हे यहोवा, अपन स्वरग ला खाल्हे करके उतर आ; पहाड़मन ला छू, ताकि ओमन ले धुआं निकलय।

[6] बिजली कड़काके बईरी ला तितिर-बितिर कर दे; अपन तीर चला अऊ ओमन ला हराके भगा दे।

[7] ऊंच स्थान ले अपन हांथ बढ़ा; भयंकर पानी ले अऊ ओ परदेसीमन के हांथ ले मोला छोंड़ा अऊ मोला बचा,

[8] जेमन के मुहूं ले बहुंत लबारी बात निकलथे, जेमन के जेवनी हांथ ह धोखा के काम करथे।

[9] हे मोर परमेसर, मेंह तोर बर एक नवां गीत गाहूं; दस तारवाले बीना ला मेंह तोर बर बजाहूं,

[10] तें, जऊन ह कि राजामन ला जय देथस, जऊन ह कि अपन सेवक दाऊद ला छोंड़ाथस। धारवाले तलवार ले मोला बचा;

[11] परदेसीमन के हांथ ले मोला बचा जेमन के मुहूं ले बहुंत लबारी बात निकलथे, जेमन के जेवनी हांथ ह धोखा के काम करथे।

[12] तब हमर बेटामन अपन जवानी म बढ़िया बढ़े हुए पऊधामन सहीं होहीं, अऊ हमर बेटीमन ओ खंभामन सहीं होहीं जेला महल के सजावट म नक्कासी करे जाथे।

[13] हमर कोठारमन हर किसम के अनाज ले भरे रहिहीं। हमर भेड़मन हमर मैदान म हजार के संखिया, दस हजार के संखिया म बढ़हीं;

[14] हमर बईलामन भारी सामान खींचके ले जाहीं। दीवार म कोनो किसम के सेंध नइं लगही, कोनो बंधुवई म नइं जाही, हमर गलीमन म दुख के कोनो अवाज नइं होही।

[15] धइन अंय ओ मनखेमन, जेमन बर ये बात सही ए; धइन अंय ओ मनखेमन, जेमन के परमेसर यहोवा ए।

भजन-संहिता — Chapters