[1] मेंह यहोवा ला ऊंचहा अवाज म पुकारथंव; मेंह यहोवा ला दया करे बर जोर से गोहारथंव।
[2] मेंह ओकर आघू म अपन सिकायत ला खुलके बताथंव; ओकर आघू म मेंह अपन समस्या ला बताथंव।
[3] जब मोर आतमा ह मोर भीतरे-भीतर बियाकुल होथे, तब तेंहीच ह मोर दसा ला देखथस। जऊन रसता म मेंह चलथंव, ओ रसता म मनखेमन मोर बर फंदा लगाय हवंय।
[4] देख, मोर जेवनी कोति कोनो नइं एं; मोर कोनो चिंता नइं करंय। मोर कोनो सरन-स्थान नइं ए; कोनो मोर जिनगी ऊपर धियान नइं देवंय।
[5] हे यहोवा, मेंह तोला पुकारत हंव; मेंह कहिथंव, “तेंह मोर सरन-स्थान, अऊ जीयत परानीमन के देस म मोर भाग अस।”
[6] मोर पुकार ला सुन, काबरकि मेंह बहुंत जरूरत म हवंव; जऊन मन मोर पीछा करथें, ओमन ले मोला बचा, काबरकि ओमन मोर ले बहुंत ताकतवर अंय।
[7] मोला मोर जेल ले छोंड़ा ले, ताकि मेंह तोर परसंसा करंव। तब मोर ऊपर तोर भलई के कारन धरमी मनखेमन मोर चारों कोति जूरहीं।