Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 6:14

[1] हे परमेसर, मोला बचा, काबरकि पानी ह मोर घेंच तक आ गे हवय।

[2] मेंह चीखला म धंसत जावत हंव, जिहां मोर गोड़ टेकाय के जगह नइं ए। मेंह गहिरा पानी म आ गे हवंव; पानी के बाढ़ म मेंह बुड़त हंव।

[3] मेंह मदद बर गोहारत थक गे हंव; मोर गला ह सूख गे हवय। मोर परमेसर के बाट जोहत, मोर आंखीमन कमजोर हो गे हवंय।

[4] जऊन मन बिगर कारन के मोर ले घिन करथें, ओमन के गनती मोर मुड़ के बाल ले घलो जादा हवय; बहुंते जन बिगर कारन के मोर बईरी अंय, जऊन मन कि मोला नास करे के फिराक म हवंय। जऊन चीज के चोरी मेंह नइं करे हंव, ओकर भरपई मोर ले करे जावत हे।

[5] हे परमेसर, तेंह मोर मुरूखता ला जानत हस; मोर अपराध ह तोर ले छिपे नइं हे।

[6] हे परभू, सर्वसक्तिमान यहोवा, जऊन मन तोर ऊपर आसा रखे हवंय ओमन ला मोर कारन कलंकित झन होना पड़य; हे इसरायल के परमेसर, जऊन मन तोर खोज म रहिथें, ओमन ला मोर कारन लज्जित झन होना पड़य।

[7] काबरकि तोर हित म मेंह अपमान सहत हंव, अऊ मोर मुहूं ह सरम के मारे ढंक गे हवय।

[8] मेंह अपन खुद के परिवार बर परदेसी हो गे हवंव, अपन खुद के भाई-बहिनी बर अजनबी हो गे हवंव;

[9] काबरकि तोर घर के धुन ह मोला खावत हे, अऊ जऊन मन तोर बेजत्ती करथें, ओमन के बेजत्ती ह मोर ऊपर आवत हे।

[10] जब मेंह रोथंव अऊ उपास करथंव, त जरूरी ए कि मेंह अपमान सहंव;

[11] जब मेंह बोरा के कपड़ा पहिरथंव, त मनखेमन मोला हंसी के पात्र बना लेथें।

[12] जऊन मन सहर के कपाट म बईठथें, ओमन मोर हंसी उड़ाथें, अऊ मेंह मतवारमन के गीत बन गे हवंव।

[13] हे यहोवा, तोर अनुग्रह के बेरा म, मेंह तोर ले पराथना करत हंव; हे परमेसर, अपन बड़े मया के कारन, अपन निस्चित उद्धार के संग मोला जबाब दे।

[14] मोला दलदली चीखला ले बचा ले, मोला ओमा झन बुड़न दे; जऊन मन मोर ले घिन करथें, ओमन ले मोला छोंड़ा, मोला गहिरा पानी ले बचा।

[15] बाढ़ के पानी म मोला झन बुड़न दे या पानी के गहरई म मेंह झन चले जावंव या खंचवा म मेंह झन समा जावंव।

[16] हे यहोवा, अपन मया के भलई के कारन मोला जबाब दे; अपन बड़े दया के कारन मोर कोति देख।

[17] अपन सेवक ले मुहूं झन मोड़; मोला जल्दी करके जबाब दे, काबरकि मेंह संकट म हवंव।

[18] मोर लकठा म आके मोला बचा ले; मोर बईरीमन के कारन मोला छोंड़ा ले।

[19] तेंह जानत हस कि मोर कइसे अपमान करे जाथे, मोला तुछ समझे जाथे अऊ मोला लज्जित करे जाथे; मोर जम्मो बईरीमन तोर आघू म हवंय।

[20] अपमान ह मोर हिरदय ला टोर दे हवय अऊ मेंह बेसहारा छोंड़ देय गे हवंव; मोला सहानुभूति के जरूरत हे, पर सहानुभूति देवइया कोनो नइं एं, मोला सांति देवइया के जरूरत हे, पर मोला कोनो नइं मिलिस।

[21] ओमन मोर जेवन म पित्त मिला दीन अऊ मोर पीयास बुझाय बर मोला सिरका पीये बर दीन।

[22] ओमन के जेवनार ह ओमन के बिनास के कारन बनय; ओमन के संगति करई ह ओमन के फंसे के जाल बन जावय।

[23] ओमन के आंखी म अंधियार छा जावय, ताकि ओमन झन देख सकंय, अऊ ओमन के कनिहां ह हमेसा बर मुड़ जावय।

[24] अपन कोप ला ओमन ऊपर ढार दे; तोर भयंकर कोरोध ओमन ऊपर पड़य।

[25] ओमन के जगह ह खाली हो जावय; ओमन के डेरा म रहइया कोनो झन होवंय।

[26] काबरकि ओमन ओ मनखेमन ला सताथें, जेमन ला तेंह घायल करथस अऊ जेमन ला तेंह चोट पहुंचाथस, ओमन के पीरा के बारे म गोठियाथें।

[27] ओमन के ऊपर भारी दोस लगा; ओमन ला तोर उद्धार म भागी झन होवन दे।

[28] ओमन के नांव जिनगी के किताब ले मिटा दिये जावंय अऊ ओमन के नांव धरमीमन के संग झन लिखे जावय।

[29] पर जहां तक मोर बात ए, मेंह दुखित अऊ पीड़ित हंव— हे परमेसर, तोर उद्धार ह मोला बचावय।

[30] मेंह गीत गाके परमेसर के नांव के परसंसा करहूं अऊ धनबाद के संग ओकर महिमा करहूं।

[31] ये बात ले यहोवा ह बईला के बलिदान ले जादा, या सींग अऊ खुरवाले बईला के बलिदान ले जादा खुस होही।

[32] गरीबमन देखहीं अऊ खुस होहीं— तुमन, जेमन कि परमेसर के खोज म रहिथव, तुम्हर मन ह तरो-ताजा रहय!

[33] यहोवा ह जरूरतमंद के बात ला सुनथे अऊ अपन बंधुवा मनखेमन ला तुछ नइं समझे।

[34] अकास अऊ धरती ओकर परसंसा करंय, समुंदर अऊ ओमा के जम्मो चलत-फिरत जीव घलो परसंसा करंय,

[35] काबरकि परमेसर ह सियोन ला बचाही अऊ यहूदा के सहरमन ला फेर बनाही। मनखेमन उहां बस जाहीं अऊ ओला अधिकार म ले लीहीं;

[36] ओकर सेवकमन के लइकामन ओला उत्तराधिकार म पाहीं, अऊ जऊन मन ओकर नांव ले मया रखथें, ओमन उहां निवास करहीं।

भजन-संहिता — Chapters