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[1] हे परमेसर, हमन तोर परसंसा करथन, हमन तोर परसंसा करथन, काबरकि तोर नांव ह लकठा म हवय; मनखेमन तोर अद्भूत काम के बखान करथें।

[2] तेंह कहिथस, “ठहिराय गय समय ला मेंह तय करथंव; बिगर पखियपात के मेंहीच ह नियाय करथंव।

[3] जब धरती अऊ येकर जम्मो मनखेमन कांपथें, त मेंहीच येकर खंभामन ला मजबूती से थामे रहिथंव।

[4] घमंडी ला मेंह कहिथंव, ‘अऊ घमंड झन कर,’ अऊ दुस्टमन ला कहिथंव, ‘अपन सींग ला ऊंच झन करव।

[5] स्वरग के बिरूध अपन सींग झन उठावव; बहुंत ढिठई के बात झन करव।’ ”

[6] पूरब या पछिम ले या निरजन प्रदेस ले कोनो भी मनखे अपनआप ला ऊपर नइं उठा सकय।

[7] येह परमेसर ए, जऊन ह नियाय करथे: ओह एक झन ला खाल्हे गिरा देथे, त दूसर झन ला ऊपर उठाथे।

[8] यहोवा के हांथ म एक कटोरा हवय जऊन ह मसाला मिले झागवाला अंगूर के मंद ले भरे हवय; ओह येला ढारथे, अऊ धरती के जम्मो दुस्टमन कटोरा के खाली होवत तक येला पीथें।

[9] जहां तक मोर बात ए, मेंह हमेसा येकर घोसना करहूं; मेंह याकूब के परमेसर के परसंसा के गीत गाहूं,

[10] जऊन ह कहिथे, “मेंह जम्मो दुस्टमन के सींग ला काट डारहूं, पर धरमीमन के सींग ला ऊपर करे जाही।”

भजन-संहिता — Chapters