Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 6:21

[1] परमेसर ह उठय, ओकर बईरीमन तितिर-बितिर हो जावंय; ओकर बईरीमन ओकर आघू ले भाग जावंय।

[2] तें ओमन ला धुआं के सहीं उड़ा दे— जइसे मोम ह आगी के आंच ले टघलथे, वइसे ही दुस्ट मनखेमन परमेसर के आघू म नास हो जावंय।

[3] पर धरमी जन परमेसर के आघू म खुस होवंय अऊ आनंद मनावंय; ओमन खुसी मनावंय अऊ आनंदित होवंय।

[4] परमेसर के गीत गावव, ओकर नांव के परसंसा के गीत गावव, ओकर बहुंत परसंसा करव, जऊन ह बादर ऊपर सवारी करथे; ओकर आघू म आनंद मनावव—ओकर नांव यहोवा ए।

[5] परमेसर ह अपन पबितर निवास म हवय, ओह अनाथमन बर एक ददा अऊ बिधवामन बर एक रकछा करइया ए।

[6] परमेसर ह अकेला मनखे ला परिवार म बसाथे, ओह कैदीमन ला गीत गवात अगुवई करथे; पर बिदरोहीमन सूरज के गरमी ले झुलसत भुइयां म रहिथें।

[7] हे परमेसर, जब तेंह अपन मनखेमन के आघू ले निकलय, जब तेंह निरजन जगह ले होके चलय,

[8] त धरती ह कांपिस, अकास ह बारिस भेजिस, परमेसर, सीनय पहाड़ के परमेसर के आघू म, परमेसर, इसरायल के परमेसर के आघू म।

[9] हे परमेसर, तेंह बहुंत बारिस दे हस; तेंह अपन थके-मांदे निज मनखेमन ला तरो-ताजा करे हस।

[10] तोर मनखेमन येमा बस गे हवंय, अऊ हे परमेसर, अपन उदारता से तेंह गरीबमन ला दे हस।

[11] परभू ह बचन के घोसना करथे, अऊ येला सुनानेवाली माईलोगनमन के एक बड़े सेना हो जाथे:

[12] “राजा अऊ सेनामन जल्दबाजी म भागथें; माईलोगनमन घर म लूट के सामान ला बांटथें।

[13] अऊ त अऊ जब तुमन भेड़साला म सुतथव, त मोर पंड़की के डेना म चांदी चढ़ाय जाथे, अऊ येकर पांखीमन म चमकत सोन मढ़े जाथे।”

[14] जब सर्वसक्तिमान परमेसर ह राजामन ला देस म तितिर-बितिर करिस, त येह सलमोन पहाड़ म बरफ गिरे के सहीं रिहिस।

[15] बासान पहाड़, सानदार पहाड़, बासान पहाड़ उबड़-खाबड़ पहाड़,

[16] हे उबड़-खाबड़ पहाड़, तेंह ओ पहाड़ ला टकटकी लगाके काबर देखत हस, जेला परमेसर ह राज करे बर चुने हे, जिहां यहोवा ह खुद सदाकाल बर निवास करही?

[17] परमेसर के रथमन बीस हजार अऊ हजारों-हजार हवंय; परभू ह सीनय पहाड़ ले अपन पबितर-स्थान म आय हवय।

[18] जब तेंह ऊंचहा जगह म गय, त तेंह अपन संग बहुंत बंधुवामन ला ले गय; तोला मनखेमन ले उपहार मिलिस, अऊ त अऊ बिदरोहीमन ले घलो उपहार मिलिस— कि हे यहोवा परमेसर, तें उहां निवास कर।

[19] परभू, परमेसर हमर उद्धारकर्ता के परसंसा होवय, जऊन ह हर दिन हमर बोझा ला उठाथे।

[20] हमर परमेसर ह ओ परमेसर अय, जऊन ह हमन ला बचाथे; मिरतू ले बचाव परमपरधान यहोवा ले ही आथे।

[21] खचित परमेसर ह अपन बईरीमन के मुड़ ला कुचरही, ओमन के बालवाले मुड़मन ला कुचरही, जऊन मन पाप करत रहिथें।

[22] परभू ह कहिथे, “मेंह ओमन ला बासान ले लानहूं; मेंह ओमन ला समुंदर के गहरई ले लानहूं,

[23] कि तें अपन बईरीमन के खून म चलके जा सकस, अऊ तोर कुकुरमन ला ओमन के बांटा खाय बर मिलय।”

[24] हे परमेसर, तोर जुलूस ला देखे गे हवय, ओ जुलूस, जऊन ह मोर परमेसर अऊ मोर राजा के अय अऊ जऊन ह पबितर-स्थान म जावत हे।

[25] आघू-आघू गवइयामन अऊ ओमन के पाछू बाजावाले हवंय; ओमन के संग जवान माईलोगनमन खंजरी बजात हवंय।

[26] बड़े सभा म परमेसर के परसंसा करव; इसरायल के सभा म यहोवा के परसंसा करव।

[27] बिनयामीन के छोटे गोत्र ह ओमन के अगुवई करत हे, उहां यहूदा के राजकुमारमन के बड़े झुंड हवय, अऊ उहां जबूलून अऊ नपताली के राजकुमारमन हवंय।

[28] हे परमेसर, अपन सामर्थ ला देखा; हे हमर परमेसर, हमन ला अपन ताकत देखा, जइसे कि तेंह पहिले करे हस।

[29] यरूसलेम म तोर मंदिर के कारन राजामन तोर बर भेंट लेके आहीं।

[30] नरकट म रहत जंगली पसुमन ला, देस-देस के बछरूमन के बीच सांड़मन के झुंड ला डांट-फटकार। नम्र होके, ओ जंगली पसुमन चांदी के छड़ लानंय। देस-देस के ओ मनखेमन ला तितिर-बितिर कर दे, जऊन मन लड़ई ले खुस होथें।

[31] दूतमन मिसर देस ले आहीं; कूस ह अपनआप ला परमेसर के अधीन कर दीही।

[32] हे धरती के राजमन, परमेसर के गीत गावव, परभू के परसंसा के गीत गावव,

[33] ओकर परसंसा करव, जऊन ह सनातन स्वरग, सबले ऊंच स्वरग म सवारी करथे, जऊन ह तेज अवाज म गरजथे।

[34] परमेसर के सामर्थ के घोसना करव, जेकर वैभव इसरायल ऊपर हवय, जेकर सामर्थ स्वरग म हवय।

[35] हे परमेसर, तेंह अपन पबितर-स्थान म अद्भूत अस; इसरायल के परमेसर ह अपन मनखेमन ला सामर्थ अऊ बल देथे। परमेसर के परसंसा होवय!

भजन-संहिता — Chapters