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[1] हे यहोवा, गुस्सा होके मोला झन फटकार या अपन कोप म मोर ताड़ना झन कर।

[2] तोर तीरमन मोला छेद डारे हवंय, अऊ तोर हांथ ह मोर ऊपर पड़े हवय।

[3] तोर कोप के कारन मोर देहें ह स्वस्थ नइं ए; मोर पाप के कारन मोर हाड़ामन म कुछू बल नइं ए।

[4] मोर अपराध ह मोला बियाकुल कर दे हवय, येह भारी बोझा के सहीं सहन सक्ति ले बाहिर हो गे हवय।

[5] मोर पाप के मुरूखता के कारन मोर घावमन पाकके सड़ गे हवंय।

[6] मोला लज्जित करे जाथे अऊ मोला झुकाय गे हवय; दिन भर मेंह सोक मनात रहिथंव।

[7] मोर पीठ ह चूभत पीरा ले भरे हवय; अऊ मोर देहें ह स्वस्थ नइं ए।

[8] मेंह कमजोर होके चूर-चूर हो गे हंव; मेंह अपन हिरदय के पीरा म कलहरत हंव।

[9] हे परभू, मोर जम्मो ईछा ला तेंह जानत हस; मोर आह भरई ह तोर ले नइं छुपे हे।

[10] मोर हिरदय ह कुटा-कुटा होवत हे, मोर म ताकत नइं ए; अऊ त अऊ मोर आंखी के अंजोर ह खतम हो गे हवय।

[11] मोर घावमन के कारन मोर संगी-साथीमन मोर ले अलग होवथें; मोर पड़ोसीमन मोर ले बहुंत दूरिहा रहिथें।

[12] जऊन मन मोला मार डारे चाहथें, ओमन अपन जाल बिछात हवंय, जऊन मन मोर हानि करहीं, ओमन मोर बिनास के बात करत हवंय; दिन भर ओमन साजिस करत पड़े रहिथें।

[13] मेंह तो भैंरा मनखे सहीं अंव, जऊन ह सुन नइं सकय, अऊ कोंदा सहीं अंव, जऊन ह गोठियाय नइं सकय;

[14] हव, मेंह ओ मनखे सहीं हो गे हंव, जऊन ह नइं सुनय, जेकर मुहूं ले कोनो जबाब नइं निकलय।

[15] हे यहोवा, मेंह तोर इंतजार करत हंव; हे परभू मोर परमेसर, तेंह मोला जबाब देबे।

[16] काबरकि मेंह कहेंव, “जब मोर गोड़ ह फिसलथे, त ओमन ला मोर ऊपर खुस होवन झन दे या ओमन अपनआप ला मोर ले ऊपर झन करंय।”

[17] काबरकि मेंह गिरनेचवाला हंव, अऊ मोर म हमेसा पीरा हवय।

[18] मेंह अपन पाप ला मान लेवत हंव; मेंह अपन पाप के कारन बियाकुल हंव।

[19] बहुंते जन बिगर कारन के मोर बईरी हो गे हवंय; जऊन मन बिगर कारन के मोर ले घिन करथें, ओमन के संखिया अनगिनत हवय।

[20] जऊन मन मोर भलई करे के कारन मोर बुरई करथें अऊ मोर बिरूध दोस लगाथें, जबकि मेंह सिरिप भलई के काम करे चाहथंव।

[21] हे यहोवा, मोला झन तियाग; हे मोर परमेसर, मोर ले दूरिहा झन रह।

[22] हे मोर परभू अऊ मोर उद्धारकर्ता, मोर मदद करे बर जल्दी आ।

भजन-संहिता — Chapters