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[1] हे मोर मनखेमन, मोर सिकछा ऊपर धियान देवव; मोर मुहूं के बात ला सुनव।

[2] मेंह अपन बात एक पटंतर म करहूं; मेंह गुपत बात, पुराना जमाना के बात बताहूं—

[3] ओ बात जेला हमन सुने हन अऊ जान ले हन, ओ बात जेला हमर पुरखामन हमन ला बताय हवंय।

[4] यहोवा के परसंसा के काम, ओकर सामर्थ, अऊ ओकर करे गे अद्भूत काममन ला हमन ओमन के संतानमन ले नइं छुपावन; हमन अवइया पीढ़ी के मनखेमन ला बताबो।

[5] ओह याकूब बर बिधिमन ला ठहिराईस अऊ इसरायल म कानून स्थापित करिस, जेकर बारे म ओह हमर पुरखामन ला हुकूम दीस कि ओमन अपन लइकामन ला ओकर सिकछा देवंय,

[6] ताकि अवइया पीढ़ी के मनखेमन ओला जानंय, अऊ त अऊ ओ लइकामन घलो जेमन जनम लेवइया हें, अऊ बाद म ओमन अपन लइकामन ला सिखोवंय।

[7] तब ओमन परमेसर ऊपर अपन भरोसा रखहीं अऊ ओमन ओकर काममन ला नइं भूलहीं पर ओकर हुकूममन ला मानहीं।

[8] ओमन अपन पुरखामन सहीं नइं होहीं— जेमन हठीला अऊ बिदरोही रिहिन, जेमन के मन म परमेसर के प्रति भक्ति नइं रिहिस, जेमन के आतमा ह परमेसर बर बिसवासयोग्य नइं रिहिस।

[9] एपरैम के मनखेमन हालाकि धनुस धरे रिहिन, पर लड़ई के दिन ओमन वापिस भाग गीन;

[10] ओमन परमेसर के करार ला नइं मानिन अऊ ओकर कानून के मुताबिक चले बर इनकार करिन।

[11] ओमन भुला गीन कि परमेसर ह ओमन बर का करे रिहिस, ओ अद्भूत काम, जेला ओह ओमन ला देखाय रिहिस।

[12] ओह ओमन के पुरखामन के आघू म मिसर देस के सोअन के इलाका म चमतकार के काम करे रिहिस।

[13] ओह समुंदर ला दू भाग करके ओमन ला उहां ले निकाले रिहिस; ओह पानी ला दीवार सहीं खड़े करवा दे रिहिस।

[14] ओह दिन के समय बादर के दुवारा अऊ रात भर आगी के अंजोर के दुवारा ओमन के अगुवई करय।

[15] ओह उजाड़ जगह म पथरामन ला फोरके ओमन ला समुंदर के सहीं बहुंतायत से पानी दीस;

[16] ओह उबड़-खाबड़ चट्टान म ले पानी के धारा निकालिस अऊ पानी ला नदी के सहीं बहाईस।

[17] पर ओमन निरजन जगह म सर्वोच्च परमेसर के बिरूध बिदरोह करत लगातार पाप करते रिहिन।

[18] ओमन लालायित होके जेवन मांगे के दुवारा जानबूझके परमेसर ला परखिन।

[19] ओमन परमेसर के बिरूध गोठियाईन; ओमन कहिन, “का परमेसर ह सही म निरजन जगह म हमन ला जेवन दे सकथे?

[20] सही म, ओह चट्टान ला मारिस, अऊ उहां ले पानी के तेज धारा फूट निकलिस, अऊ पानी के धारा ह बहुंतायत ले बहे लगिस, पर का ओह हमन ला रोटी घलो दे सकथे? का ओह अपन मनखेमन ला मांस के पूरती कर सकथे?”

[21] जब यहोवा ह ओमन के बात ला सुनिस, त ओह बहुंत नराज होईस; याकूब के बिरूध ओकर आगी ह भड़किस, अऊ इसरायल के बिरूध ओकर कोप ह भड़किस,

[22] काबरकि ओमन परमेसर ऊपर बिसवास नइं करिन, अऊ न ही ओकर छुटकारा देय के ऊपर भरोसा रखिन।

[23] तभो ले ओह ऊपर अकास ला हुकूम दीस अऊ स्वरग के कपाटमन ला खोल दीस;

[24] ओह मनखेमन के खाय बर मन्ना के बारिस करिस, ओह ओमन ला स्वरग के अनाज दीस।

[25] मनखेमन स्वरगदूतमन के रोटी खावत रिहिन; ओह ओमन ला भरपेट जेवन दीस।

[26] ओह अकास ले पूरबी हवा चलाईस अऊ अपन सामर्थ ले दक्खिनी हवा चलाईस।

[27] ओह ओमन बर धुर्रा के सहीं मांस के बारिस करिस, समुंदर के बालू सहीं चिरईमन ला पठोईस।

[28] ओह ओ चिरईमन ला ओमन के तम्बू के चारों कोति ओमन के डेरा के भीतर लानिस।

[29] ओमन गला के आवत तक खाईन— परमेसर ह ओमन ला ओ दीस, जेकर ओमन लालसा करिन।

[30] पर येकर पहिले कि ओमन अपन लालसा करे चीज ले फिरतिन, अऊ त अऊ जेवन ह ओमन के मुहूं म ही रिहिस,

[31] कि परमेसर के कोरोध ह ओमन के बिरूध भड़किस; ओह इसरायल के जवानमन ला काटके गिरावत ओमन के बीच के हट्टा-कट्टा मनखेमन ला मार डारिस।

[32] अतेक होय के बाद घलो ओमन पाप करते रिहिन; ओकर अद्भूत काममन ला देखे के बाद घलो ओमन बिसवास नइं करिन।

[33] एकरसेति ओह ओमन के जिनगी के दिनमन ला बेकार म अऊ ओमन के सालमन ला आतंक म खतम कर दीस।

[34] जब भी परमेसर ह ओमन के हतिया करय, ओमन ओकर खोज करंय; ओमन उतावला होके ओकर कोति फेर लहुंटंय।

[35] ओमन सुरता करंय कि परमेसर ह ओमन के चट्टान ए, ओमन सुरता करंय कि सर्वोच्च परमेसर ह ओमन के छुड़इया ए।

[36] पर तब ओमन अपन मुहूं ले ओकर चापलूसी करंय, अऊ ओकर ले लबारी मारंय;

[37] ओमन के मन ह ओकर बर ईमानदार नइं रिहिस, ओमन ओकर करार के प्रति बिसवासयोग्य नइं रिहिन।

[38] तभो ले ओह ओमन ऊपर दया करिस; ओह ओमन के अपराध ला छेमा करिस अऊ ओमन ला नास नइं करिस। बार-बार ओह अपन गुस्सा ला रोकिस अऊ अपन कोप ला पूरा नइं भड़काईस।

[39] ओह सुरता रखिस कि ओमन सिरिप हाड़-मांस के मनखे अंय, एक बहत हवा सहीं अंय, जऊन ह लहुंटके नइं आवय।

[40] निरजन जगह म ओमन ओकर बिरूध कतेक बार ले बिदरोह करिन अऊ उजाड़ जगह म ओला दुखी करिन!

[41] बार-बार ओमन परमेसर ला परखिन; ओमन इसरायल के पबितर परमेसर ला चिढ़ दिलाईन।

[42] ओमन ओकर सामर्थ ला सुरता नइं करिन— ओ दिन जब ओह ओमन ला अतियाचारी ले छोंड़ाय रिहिस,

[43] ओ दिन जब ओह मिसर देस म अपन चिनहां, सोअन के इलाका म अपन अद्भूत काम देखाईस।

[44] ओह मिसरीमन के नदी के पानी ला खून म बदल दीस; ओमन अपन पानी के सोता ले पानी नइं पी सकिन।

[45] ओह ओमन ऊपर मधुमक्खीमन के झुंड पठोईस, जेमन ओमन ला खा गीन, अऊ मेचकामन ला पठोईस, जेमन ओमन ला बरबाद कर दीन।

[46] ओह ओमन के फसल ला कीरामन ला, अऊ ओमन के ऊपज ला फांफामन ला दे दीस।

[47] ओह ओमन के अंगूर के नारमन ला करा गिराके अऊ ओमन के डूमर रूखमन ला बरफ के संग पानी गिराके नास कर दीस।

[48] ओह ओमन के पालतू पसुमन ला करा गिराके, अऊ पसु-धन ला बिजली गिराके नास कर दीस।

[49] ओह ओमन के बिरूध अपन भारी गुस्सा, अपन कोप, कोरोध अऊ बईरता देखाईस— येमन नास करइया स्वरगदूतमन के एक दल रिहिन।

[50] ओह अपन कोरोध बर एक रसता तियार करिस; ओह ओमन ला मिरतू ले नइं बचाईस पर ओमन ला महामारी के बस म कर दीस।

[51] ओह मिसर देस के जम्मो पहिलांतमन ला मार डारिस, जेमन हाम के डेरामन म मरदानगी के पहिला फर रिहिन।

[52] पर ओह अपन मनखेमन ला पसुमन के झुंड सहीं बाहिर निकालिस; निरजन जगह म भेड़ के सहीं ओह ओमन के अगुवई करिस।

[53] ओह ओमन ला सुरकछित निकालिस, जेकर ले ओमन निडर रिहिन; पर ओमन के बईरीमन समुंदर म बुड़ गीन।

[54] अऊ ये किसम ले ओह ओमन ला अपन पबितर देस के सीमना, ओ पहाड़ी देस म लानिस, जेला ओकर जेवनी हांथ ह लेय रिहिस।

[55] ओह ओमन के आघू ले जाति-जाति के मनखेमन ला भगा दीस अऊ ओमन के जमीन अपन मनखेमन ला निज भाग के रूप म दे दीस; ओह इसरायल के गोत्रमन ला ओमन के घर म बसाईस।

[56] पर ओमन परमेसर के परिछा लीन अऊ सर्वोच्च परमेसर के बिरूध बिदरोह करिन; ओमन ओकर कानून-बिधिमन ला नइं मानिन।

[57] अपन पुरखामन के सहीं ओमन बिसवासघाती अऊ बेईमान निकलिन, एक निकम्मा धनुस के सहीं धोखा दीन।

[58] ओमन देवतामन बर ऊंच जगहमन ला बनाके ओला गुस्सा दिलाईन; ओमन मूरतीमन ला बनाके ओमा जलन पईदा करिन।

[59] जब परमेसर ह ओमन के सुनिस, त ओह बहुंत गुस्सा होईस; ओह इसरायल ला पूरा तियाग दीस।

[60] ओह सीलो सहर के ओ पबितर-तम्बू ला तियाग दीस, जेला ओह मनखेमन के बीच खड़े करे रिहिस।

[61] ओह अपन ताकत के सन्दूक ला बंधुवई म, अऊ अपन सोभा ला बईरीमन के हांथ म दे दीस।

[62] ओह अपन मनखेमन ला तलवार ले मरवा दीस; ओह अपन निज भाग के मनखेमन ऊपर बहुंत गुस्सा होईस।

[63] आगी ह ओमन के जवानमन ला भसम कर दीस, अऊ ओमन के जवान छोकरीमन बर कोनो बिहाव के गीत गाय नइं गीस;

[64] ओमन के पुरोहितमन तलवार ले मार डारे गीन, अऊ ओमन के बिधवामन रोए नइं सकिन।

[65] तब परभू ह मानो नींद ले जागिस, जइसे कोनो योद्धा ह मंद के मूर्छा ले जागथे।

[66] ओह अपन बईरीमन ला मार भगाईस; ओह ओमन ला हमेसा बर लज्जित करिस।

[67] तब ओह यूसुफ के तम्बू ला तियाग दीस, अऊ एपरैम के गोत्र ला नइं चुनिस;

[68] पर ओह यहूदा के गोत्र, सियोन पहाड़ ला चुन लीस, जेला कि ओह मया करिस।

[69] ओह अपन पबितर-स्थान ला ऊंचहा जगह सहीं बनाईस, धरती के सहीं बनाईस, जेला ओह हमेसा बर रखिस।

[70] ओह अपन सेवक दाऊद ला चुनिस अऊ ओला भेड़मन के बाड़ा ले लेय लीस;

[71] भेड़ चराय के काम ले दाऊद ला हटाके ओह ले आईस ताकि दाऊद ह ओकर मनखे याकूब, ओकर निज भाग इसरायल के चरवाहा बनय।

[72] अऊ दाऊद ह पूरा ईमानदारी से ओमन के देखरेख करिस; अपन कुसल हांथ ले ओह ओमन के अगुवई करिस।

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