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[1] यहोवा बर एक नवां गीत गावव; हे धरती के जम्मो मनखेमन, यहोवा बर गावव।

[2] यहोवा बर गावव, ओकर नांव के परसंसा करव; ओकर उद्धार के सुसमाचार हर दिन सुनात रहव।

[3] जाति-जाति के मनखेमन के बीच म ओकर महिमा के, अऊ जम्मो मनखेमन के बीच म ओकर अद्भूत काम के बखान करव।

[4] काबरकि यहोवा ह महान अऊ अति परसंसा के योग्य अय; ओह जम्मो देवतामन ले जादा भय के योग्य अय।

[5] काबरकि जाति-जाति के जम्मो देवतामन सिरिप मूरती अंय, पर यहोवा ह स्वरग ला बनाईस।

[6] सोभा अऊ वैभव ओकर आघू म हवय; ताकत अऊ महिमा ओकर पबितर-स्थान म हवय।

[7] हे जाति-जाति के जम्मो परिवारमन, यहोवा के बखान करव, यहोवा के महिमा अऊ बल के बखान करव।

[8] यहोवा के नांव के मुताबिक ओकर बखान करव; भेंट लेके ओकर अंगना म आवव।

[9] पबितरता ले सोभायमान होके यहोवा के अराधना करव; हे धरती के जम्मो मनखेमन, ओकर आघू म कांपव।

[10] जाति-जाति के मनखेमन के बीच म कहव, “यहोवा ह सासन करथे।” संसार ला मजबूती से स्थापित करे गे हवय, येला हटाय नइं जा सकय; ओह समान रूप से मनखेमन के नियाय करही।

[11] अकास ह आनंद मनावय, धरती ह खुस होवय; समुंदर अऊ ओमा के जम्मो चीजमन गरजंय।

[12] भुइयां अऊ ओमा के हर एक चीज बहुंत आनंदित होवंय; जंगल के जम्मो रूखमन आनंदित होके गीत गावंय।

[13] पूरा सिरिस्टी ह यहोवा के आघू म आनंद मनावय, काबरकि ओह आवथे, ओह धरती के नियाय करे बर आवथे। ओह धरमीपन ले संसार के अऊ अपन बिसवासयोग्यता से मनखेमन के नियाय करही।

भजन-संहिता — Chapters