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[1] दुस्ट मनखेमन के कारन झन चिढ़व या गलत काम करइयामन ले जलन झन करव;

[2] काबरकि कांदी के सहीं ओमन अइला जाहीं, हरियर पऊधा के सहीं ओमन जल्दी खतम हो जाहीं।

[3] यहोवा ऊपर भरोसा रखव अऊ भलई करव; देस म रहिके सुरकछित निवास के आनंद उठावव।

[4] यहोवा के सेवा करे म खुस रहव, अऊ ओह तुम्हर मन के ईछा ला पूरा करही।

[5] यहोवा ला अपन जिनगी सऊंप दे; ओकर ऊपर भरोसा रख अऊ ओह येला करही:

[6] ओह तोर धरमीपन के ईनाम ला बिहान के अंजोर सहीं, अऊ तोर काम के नियाय ला मंझनियां के सूरज सहीं चमकाही।

[7] यहोवा के आघू म चुपेचाप रह अऊ धीरज धरके ओकर इंतजार कर; जब मनखेमन अपन योजना म सफल होथें या अपन दुस्टता के काम ला करंय, त झन कुढ़बे।

[8] गुस्सा झन करव अऊ कोप करई ले दूरिहा रहव; झन चिढ़व—एकर ले सिरिप बुरई होथे।

[9] काबरकि जऊन मन दुस्ट मनखे अंय, ओमन नास करे जाहीं, पर जऊन मन यहोवा ऊपर भरोसा करथें, ओमन देस के वारिस होहीं।

[10] थोरकन समय अऊ हे, तब दुस्ट मनखेमन खतम हो जाहीं; हालाकि तेंह ओमन ला खोजबे, पर ओमन नइं मिलहीं।

[11] पर नम्र मनखेमन देस के वारिस होहीं अऊ सांति अऊ धन-संपत्ति के आनंद उठाहीं।

[12] दुस्टमन धरमी मनखेमन के बिरूध साजिस रचथें अऊ ओमन ऊपर अपन दांत पीसथें;

[13] पर परभू ह दुस्टमन के ऊपर हंसथे, काबरकि ओह जानथे कि ओमन के आखिरी दिन ह आवत हे।

[14] दुस्टमन अपन तलवार खींचथें, अऊ धनुस ला तानथें ताकि ओमन गरीब अऊ जरूरतमंद ला नीचा दिखावंय, अऊ सीधवा मनखेमन ला मार डारंय।

[15] फेर ओमन के तलवार ह ओमन के खुद के हिरदय ला बेधही, अऊ ओमन के धनुस ह टूट जाही।

[16] धरमी के थोरकन चीज ह दुस्टमन के अब्बड़ धन ले जादा बने अय;

[17] काबरकि दुस्टमन के सक्ति ला खतम कर दिये जाही, पर यहोवा ह धरमी जन ला संभालथे।

[18] निरदोस मनखेमन यहोवा के देखरेख म दिन बिताथें, अऊ ओमन के निज भाग ह हमेसा बने रहिही।

[19] बिपत्ति के बेरा ओमन नइं मुरझांय; अऊ अकाल के दिन म ओमन भरपूर चीज के आनंद उठाहीं।

[20] पर दुस्टमन नास हो जाहीं: हालाकि यहोवा के बईरीमन खेत के फूल सहीं अंय, पर ओमन जलके खतम हो जाहीं, ओमन धुआं म समा जाहीं।

[21] दुस्टमन उधार लेथें अऊ नइं पटांय, पर धरमीमन हांथ खोलके देथें;

[22] जेमन ला यहोवा ह आसीस देथे, ओमन देस के वारिस होहीं, पर जेमन ला ओह सराप देथे, ओमन नास हो जाहीं।

[23] यहोवा ह ओकर पांव ला मजबूत करथे, जऊन ह यहोवा म खुस रहिथे;

[24] हालाकि ओह लड़खड़ा सकथे, पर ओह गिरय नइं, काबरकि यहोवा ह ओला अपन हांथ ले संभालथे।

[25] मेंह जवान रहेंव अऊ अब डोकरा हो गे हंव, पर मेंह ये बात कभू नइं देखेंव कि धरमीमन ला तियाग दिये गीस या ओमन के लइकामन खाय बर भीख मांगिन।

[26] ओमन हमेसा उदार दिल के होथें अऊ दिल खोलके उधार देथें; ओमन के लइकामन एक आसीस के कारन बनहीं।

[27] बुरई ला छोंड़व अऊ भलई करव; तब तुमन देस म हमेसा बने रहिहू।

[28] काबरकि यहोवा ह सच्चई ले मया करथे अऊ अपन बिसवासयोग्य मनखेमन ला नइं तियागे, ओमन के हमेसा रकछा करे जाही; पर दुस्टमन के संतानमन नास हो जाहीं।

[29] धरमी मनखेमन देस के उत्तराधिकारी होहीं अऊ ओमा हमेसा निवास करहीं।

[30] धरमीमन के मुहूं ले बुद्धि के बात निकलथे, अऊ ओमन के जीभ ओ बात कहिथे, जऊन ह सही अय।

[31] ओमन के परमेसर के कानून ह ओमन के हिरदय म हवय; ओमन के गोड़ ह नइं फिसलय।

[32] दुस्ट मनखे ह ये इरादा से धरमीमन के घात म रहिथे कि ओह ओमन ला मार डारय।

[33] पर यहोवा ह धरमीमन ला दुस्ट मनखेमन के हांथ म नइं छोंड़य या ओमन ला दोसी नइं ठहिराय, जब ओमन अदालत म लाय जाथें।

[34] यहोवा ऊपर आसा रखव अऊ ओकर रसता म चलव। ओह तुमन ला बढ़ाही अऊ देस के उत्तराधिकारी बनाही; जब दुस्ट मनखेमन के नास करे जाही, त तुमन येला देखहू।

[35] मेंह एक दुस्ट अऊ निरदयी मनखे ला बड़े देसी रूख के सहीं बाढ़त देखे हंव,

[36] पर ओह जल्दी खतम हो गीस अऊ ओह फेर नइं दिखिस; हालाकि मेंह ओला खोजेंव, पर ओह नइं मिलिस।

[37] निरदोस मनखे ऊपर बिचार कर, अऊ ईमानदार मनखे ला देख; ओमन के भविस्य उज्जवल होथे, जेमन सांति के खोज म रहिथें।

[38] पर जम्मो पापीमन ला नास करे जाही; दुस्टमन के कुछू भविस्य नइं होही।

[39] धरमीमन के उद्धार ह यहोवा कोति ले होथे; संकट के बेरा म ओहीच ह ओमन के मजबूत गढ़ ए।

[40] यहोवा ह ओमन के मदद करथे अऊ ओमन ला छुड़ाथे; ओह ओमन ला दुस्ट मनखे ले छुड़ाथे अऊ ओमन ला बचाथे। काबरकि ओमन यहोवा करा सरन लेथें।

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