[1] हे परमेसर, मोर पराथना ला सुन, मोर बिनती ला अनसुना झन कर;
[2] मोर बात ला सुन अऊ मोला जबाब दे। मोर बिचारमन मोला चिंता म डारत हें अऊ मेंह बियाकुल हंव
[3] काबरकि मोर बईरी ह मोर बिरूध कहत हे, अऊ दुस्टमन धमकी देवत हें; काबरकि ओमन मोर ऊपर दुख-तकलीफ लानत हें अऊ गुस्सा होके मोला उल्टा-सीधा कहत हें।
[4] मोर हिरदय ह भीतरे-भीतर पीरा म हवय; मिरतू के आतंक मोर ऊपर छा गे हवय।
[5] डर अऊ कंपकपी मोला घेर ले हवय; बहुंत भय के कारन मेंह बियाकुल हो गे हंव।
[6] मेंह कहेंव, “कास, मोर एक पंड़की सहीं डेना होतिस! त मेंह उड़ जातेंव अऊ अराम करतेंव।
[7] मेंह उड़के दूरिहा चले जातेंव अऊ निरजन जगह म रहितेंव;
[8] मेंह आंधी अऊ तूफान ले दूरिहा जल्दी से अपन सरन-स्थान म चले जातेंव।”
[9] हे परभू, दुस्टमन ला बिचलित कर दे, ओमन के बात म गड़बड़ी कर दे, काबरकि मेंह सहर म हिंसा अऊ झगरा देखत हंव।
[10] रात अऊ दिन ओमन सहर के दीवार म चोरी-छुपे घुमथें; सहर के भीतर दुस्टता अऊ गाली भरे हवय।
[11] सहर म बिनास करइया ताकतमन काम करत हें; धमकी अऊ लबारी बात येकर गलीमन ला कभू नइं छोंड़ंय।
[12] कहूं कोनो बईरी ह मोर बेजत्ती करतिस, त मेंह सह लेतेंव; कहूं कोनो बईरी ह मोर बिरूध खड़े होतिस, त मेंह ओकर ले छिप जातेंव।
[13] पर येह तो तें अस, मोर सहीं एक मनखे, मोर संगवारी, मोर लंगोटिया संगी,
[14] जेकर संग परमेसर के घर म एक समय मेंह संगति के आनंद उठात रहेंव, जब अराधना करइयामन के बीच हमन आवत-जावत रहेंन।
[15] अचानक मोर बईरीमन के मिरतू हो जावय; ओमन मिरतू-लोक म जीयत चले जावंय, काबरकि दुस्टमन ला ओमन के बीच रहे बर मिलथे।
[16] पर जहां तक मोर बात ए, मेंह परमेसर के नांव लेथंव, अऊ यहोवा ह मोला बचाथे।
[17] सांझ, बिहनियां अऊ मंझन के बेरा मेंह ओला दुख म पुकारथंव, अऊ ओह मोर बात ला सुनथे।
[18] मोर बिरूध करे जावत लड़ई म ओह मोला बिगर कोनो हानि के बचा लेथे, हालाकि बहुंते जन मोर बिरोध करथें।
[19] परमेसर, जऊन ह आदिकाल ले बिराजमान हे, जऊन ह नइं बदलय— ओह ओमन के सुनही अऊ ओमन ला नम्र करही, काबरकि ओमन म परमेसर के भय नइं ए।
[20] मोर संगवारी ह अपन संगीमन ऊपर हमला करथे; ओह अपन करार ला टोरथे।
[21] ओकर बातचीत ह मक्खन के सहीं चिक्कन हवय, पर ओकर मन म लड़ई के बात रहिथे; ओकर बचन ह तेल ले जादा नरम हवय, पर ओमन तलवार निकाले सहीं अंय।
[22] अपन जिम्मेदारी यहोवा ऊपर डार दे अऊ ओह तोला संभालही; ओह धरमी ला कभू डगमगावन नइं देवय।
[23] पर हे परमेसर, तें दुस्टमन ला बिनास के खंचवा म गिराबे; खून के पीयासा अऊ धोखेबाज मनखेमन अपन आधा जिनगी घलो नइं जी सकहीं। पर जहां तक मोर बात ए, मेंह तोर ऊपर भरोसा करथंव।