[1] हे यहोवा, हमर परभू, तोर नांव ह जम्मो धरती म का ही परतापी ए! तेंह अपन महिमा स्वरग म ठहिराय हस।
[2] लइका अऊ छोटे लइकामन के दुवारा परसंसा करवाके तेंह बईरी अऊ पलटा लेवइयामन ला चुप कराय बर ओमन के बिरूध एक गढ़ बनाय हस।
[3] जब मेंह अकास ऊपर बिचार करथंव, जऊन ह तोर हांथ के काम ए चंदा अऊ तारामन, जेमन ला तेंह अपन-अपन जगह म रखे हस,
[4] त मनखे ह का ए कि तेंह ओकर ऊपर धियान देथस, मानव-जाति ह का ए कि तेंह ओकर खियाल रखथस?
[5] तेंह ओला स्वरगदूतमन ले थोरकन कम करके बनाय हस अऊ ओला महिमा अऊ आदर के मुकुट पहिराय हस।
[6] तेंह ओला अपन हांथ के काममन के ऊपर राज-करइया बनाय हस; तेंह हर एक चीज ला ओकर गोड़ खाल्हे कर दे हस:
[7] जम्मो भेड़-बकरी अऊ गाय-बईला, अऊ जंगल के पसु,
[8] अकास के चिरई, अऊ समुंदर के मछरी, अऊ ओ जम्मो जीव-जन्तु, जेमन समुंदर के पानी म रहिथें।
[9] हे यहोवा हमर परभू, तोर नांव ह जम्मो धरती म का ही वैभवसाली अय।