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[1] जऊन मन यहोवा ऊपर भरोसा रखथें, ओमन सियोन पहाड़ सहीं अंय, जेला हलाय नइं जा सकय पर येह सदा अटल बने रहिथे।

[2] जइसे कि पहाड़मन यरूसलेम ला चारों कोति ले घेरे हवंय, वइसे ही यहोवा ह अपन मनखेमन ला अब अऊ सदाकाल तक घेरे रहिथे।

[3] दुस्टमन के राजदंड ह धरमीमन ला दिये गय भुइयां ऊपर हमेसा बने नइं रहिही, काबरकि तब धरमीमन अपन हांथ दुस्ट काम करे म लगा सकथें।

[4] हे यहोवा, ओमन के भलई कर, जऊन मन सीधवा मनखे अंय, ओमन के भलई कर, जेमन के मन ह ईमानदार अय।

[5] पर जऊन मन बेईमानी के रसता ला धरथें यहोवा ह ओमन ला दुस्टमन के संग निकाल दीही। इसरायल ला सांति मिलय।

भजन-संहिता — Chapters