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[1] हे मोर परमेसर, मोर राजा, मेंह तोर नांव ला ऊपर करहूं; मेंह तोर नांव के परसंसा सदा-सर्वदा करहूं।

[2] हर दिन मेंह तोर परसंसा करहूं सदा-सर्वदा तोर नांव के इस्तुति करहूं।

[3] यहोवा ह महान ए अऊ सबले जादा परसंसा के योग्य ए; ओकर महानता ला कोनो समझ नइं सकंय।

[4] एक पीढ़ी के मनखेमन तोर काम के बारे म आने पीढ़ी के मनखेमन ला बताथें; ओमन तोर पराकरम के काम के बारे म बताथें।

[5] ओमन तोर वैभव के महिमामय सोभा के बारे म गोठियाथें— अऊ मेंह तोर अद्भूत काम ऊपर मनन-चिंतन करहूं।

[6] ओमन तोर अद्भूत काममन के सक्ति के चरचा करथें— अऊ मेंह तोर बड़े-बड़े काममन के घोसना करहूं।

[7] ओमन तोर बहुंत भलई के काम के उत्सव मनाथें अऊ आनंद सहित तोर धरमीपन के गीत गाथें।

[8] यहोवा ह अनुग्रहकारी अऊ दयालु अय, कोरोध करे म धीमा अऊ मया के धनी अय।

[9] यहोवा ह जम्मो झन बर बने अय; ओह अपन बनाय हर चीज ऊपर दया करथे।

[10] हे यहोवा, तोर जम्मो काममन के दुवारा तोर परसंसा होथे; तोर बिसवासयोग्य मनखेमन तोर बहुंत परसंसा करथें।

[11] ओमन तोर राज के महिमा के बारे म बताथें अऊ तोर सक्ति के बारे म गोठियाथें,

[12] ताकि जम्मो मनखेमन तोर पराकरम के काम अऊ तोर राज के महिमामय सोभा के बारे म जानंय।

[13] तोर राज ह एक कभू खतम नइं होनेवाला राज ए, अऊ तोर परभूता ह जम्मो पीढ़ी म बने रहिथे। यहोवा ह अपन जम्मो परतिगियां ला पूरा करे म बिसवासयोग्य अय अऊ अपन जम्मो काम म घलो बिसवासयोग्य अय।

[14] यहोवा ह ओ जम्मो ला संभालथे, जेमन खाल्हे गिरथें अऊ जऊन मन खाल्हे झुकथें, ओमन ला ऊपर उठाथे।

[15] जम्मो झन के आंखी ह तोर ऊपर लगे रहिथे, अऊ तेंह ओमन ला सही समय म ओमन के जेवन देथस।

[16] तेंह अपन हांथ खोलके जम्मो जीयत परानी के ईछा ला पूरा करथस।

[17] यहोवा ह अपन जम्मो बात म धरमी अऊ अपन जम्मो काम म बिसवासयोग्य ए।

[18] यहोवा ह ओ जम्मो के लकठा म रहिथे, जऊन मन ओला पुकारथें याने कि जऊन मन ओला सच्चई से पुकारथें।

[19] ओह ओमन के ईछा ला पूरा करथे, जऊन मन ओकर भय मानथें; ओह ओमन के गोहार ला सुनथे अऊ ओमन ला बचाथे।

[20] यहोवा ह ओ जम्मो के रखवारी करथे, जऊन मन ओकर ले मया करथें, पर जम्मो दुस्टमन ला ओह नास कर दीही।

[21] मोर मुहूं ह यहोवा के परसंसा के बात करही। हर एक परानी ओकर पबितर नांव के सदा-सर्वदा परसंसा करय।

भजन-संहिता — Chapters