[1] मेंह हर समय यहोवा के परसंसा करहूं; ओकर परसंसा हमेसा मोर मुहूं ले होवत रहिही।
[2] मेंह यहोवा ऊपर घमंड करहूं; दुखित-पीड़ित मनखेमन सुनंय अऊ आनंद मनांय।
[3] मोर संग यहोवा के महिमा करव; आवव, हमन मिलके ओकर नांव के परसंसा करन।
[4] मेंह यहोवा ले पराथना करेंव; अऊ ओह मोला जबाब दीस; ओह मोला मोर जम्मो डर ले मुक्त करिस।
[5] जऊन मन ओकर कोति देखथें, ओमन दीप्तिमान होथें; ओमन कभू लज्जित नइं होवंय।
[6] ये दीन-हीन मनखे ह पुकारिस, अऊ यहोवा ह ओकर बात ला सुनिस; ओह ओला ओकर जम्मो दुख-तकलीफ ले बचाईस।
[7] यहोवा के स्वरगदूत ह ओमन के चारों कोति डेरा डालथे, जऊन मन ओकर भय मानथें, अऊ ओह ओमन ला छुड़ाथे।
[8] परखके देखव कि यहोवा ह बने अय; धइन अय ओ मनखे, जऊन ह ओकर करा सरन लेथे।
[9] हे ओकर पबितर मनखेमन, तुमन यहोवा के भय मानव, काबरकि जऊन मन ओकर भय मानथें, ओमन ला कुछू चीज के घटी नइं होवय।
[10] भले ही सिंह ह कमजोर हो सकथे अऊ भूखा रह सकथे, पर जऊन मन यहोवा के खोज म रहिथें, ओमन ला कोनो बने चीज के घटी नइं होवय।
[11] हे मोर लइकामन, आवव, मोर बात ला सुनव; मेंह तुमन ला यहोवा के भय मानना सिखोहूं।
[12] तुमन म ले जऊन ह भी जिनगी ले मया करथे अऊ बहुंते बने दिनमन ला देखे के ईछा करथे,
[13] त ओह अपन जीभ ला खराप बात ले अऊ अपन मुहूं ला लबारी बात ले दूरिहा रखय।
[14] बुरई ला छोंड़के भलई करव; सांति के खोज म रहव अऊ ओकर पाछू लगे रहव।
[15] यहोवा के नजर ह धरमीमन ऊपर लगे रहिथे, अऊ ओकर कान ह ओमन के गोहार के तरफ लगे रहिथे;
[16] पर यहोवा ह बुरई करइयामन के बिरोध करथे, ताकि ओह ओमन के नांव ला धरती ले मिटा देवय।
[17] धरमीमन गोहारथें, अऊ यहोवा ह ओमन के सुनथे; ओह ओमन ला ओमन के जम्मो समस्या ले बाहिर निकालथे।
[18] यहोवा ह टूटे मनवाला के लकठा म रहिथे अऊ ओमन के उद्धार करथे, जऊन मन आतमा म बहुंत दुखी होथें।
[19] धरमी मनखे करा बहुंत समस्या हो सकथे, पर यहोवा ह ओला ओकर जम्मो समस्या ले निकालथे;
[20] ओह ओकर जम्मो हाड़ामन के रकछा करथे, ओमा के एको ठन घलो नइं टूटय।
[21] बुरई ही दुस्ट मनखे ला मार डालही; धरमी जन के बईरीमन दोसी ठहिरहीं।
[22] यहोवा ह अपन सेवकमन ला बचाही; अऊ जऊन ह ओकर करा सरन लेथे, ओह दोसी नइं ठहिरही।