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[1] हे मोर परमेसर, मोर ऊपर दया कर, काबरकि मोर बईरीमन बहुंत पीछा करत हें; दिन भर ओमन अपन हमला करे के दबाव बनाथें।

[2] मोर बिरोधीमन दिन भर मोर पीछा करथें; अपन घमंड म बहुंते झन मोर ऊपर हमला करत हें।

[3] जब मेंह डर जाथंव, त मेंह तोर ऊपर अपन भरोसा रखथंव।

[4] परमेसर ऊपर, जेकर बचन के मेंह परसंसा करथंव— परमेसर ऊपर मेंह भरोसा रखथंव अऊ मेंह नइं डरंव। मरनहार मनखे ह मोर का कर सकत हे?

[5] दिन भर ओमन मोर बचन ला तोड़थें-मरोड़थें; ओमन के जम्मो उपाय मोला बरबाद करे बर रहिथे।

[6] ओमन सडयंत्र करथें, ओमन घात म लगे रहिथें, ओमन मोर अवई-जवई ऊपर ये आसा म नजर गड़ाय रहिथें, कि ओमन मोर परान ले सकंय।

[7] ओमन के दुस्टता के कारन, ओमन ला बचके झन जावन दे; हे परमेसर, अपन कोरोध म, ये मनखेमन ला गिरा दे।

[8] मोर दुरगति ला लिख ले; मोर आंसूमन ला अपन कुप्पी म रख ले— का ओमन तोर अभिलेख म नइं लिखे गे हवंय?

[9] जब मेंह मदद बर पुकारहूं त ओमन लहुंटके भागहीं। येकर दुवारा जानहूं कि परमेसर ह मोर कोति हवय।

[10] परमेसर ऊपर, जेकर बचन के मेंह परसंसा करथंव, यहोवा ऊपर, जेकर बचन के मेंह परसंसा करथंव—

[11] ओही परमेसर ऊपर, मेंह भरोसा रखथंव अऊ मेंह नइं डरंव। मनखे ह मोर का कर सकथे?

[12] हे मोर परमेसर, मेंह तोर बर सपथ खाय हंव; मेंह तोला धनबाद-बलिदान चघाहूं।

[13] काबरकि तेंह मोला मिरतू ले अऊ मोर गोड़मन ला ठोकर खाय ले बचाय हस, ताकि मेंह जिनगी के अंजोर म परमेसर के आघू म चल सकंव।

भजन-संहिता — Chapters