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[1] मेंह तोर मया अऊ नियाय के गीत गाहूं; हे यहोवा, मेंह तोर परसंसा के गीत गाहूं।

[2] मेंह निरदोस जिनगी जीये बर धियान दूहूं— तेंह मोर करा कब आबे? मेंह निरदोस हिरदय से अपन घर के मामला म बेवहार करहूं।

[3] मेंह कोनो दुस्ट काम बर मंजूरी नइं दूहूं। मेंह बिसवासहीन मनखेमन के काम ले घिन करथंव; अइसन काम ले मोर कोनो लेना-देना नइं होही।

[4] जिद्दी सुभाव ले मेंह दूर रहिहूं; दुस्ट काम ले मोर कोनो लेना-देना नइं होही।

[5] जऊन कोनो अपन परोसी के पाछू ओकर निन्दा करथे, मेंह ओला नास कर दूहूं; अहंकार ले भरे आंखीवाले अऊ घमंड ले भरे मनखे ला मेंह सहन नइं करहूं।

[6] मोर आंखी ह देस म बिसवासयोग्य मनखेमन ऊपर लगे रहिही, ताकि ओमन मोर संग रहंय; जऊन ह निरदोस जिनगी जीथे, ओह मोर सेवा करही।

[7] धोखाधड़ी करइया कोनो भी मनखे मोर घर म नइं रहिही; जऊन ह लबारी मारथे, ओह मोर आघू म ठाढ़ नइं हो सकही।

[8] हर बिहनियां मेंह देस के जम्मो दुस्टमन ला नास कर दूहूं; यहोवा के सहर ले मेंह हर दुस्ट मनखे ला नास कर दूहूं।

भजन-संहिता — Chapters