[1] हे यहोवा, ओमन के बिरोध कर, जेमन मोर बिरोध करथें; ओमन के बिरूध लड़, जेमन मोर बिरूध लड़थें।
[2] ढाल अऊ कवच ला ले; अऊ उठके मोर मदद करे बर आ।
[3] जऊन मन मोर पीछा करथें, ओमन के बिरूध बरछी अऊ भाला उठा। अऊ मोर आतमा ला कह, “मेंह तोर उद्धार अंव।”
[4] जऊन मन मोर परान के पाछू पड़े हवंय, ओमन कलंकित अऊ लज्जित होवंय; जऊन मन मोर बिनास के गोस्टी करथें, ओमन भयभीत होके वापिस लहुंटंय।
[5] ओमन हवा म उड़ जानेवाला भूंसा के सहीं हो जावंय, अऊ यहोवा के स्वरगदूत ह ओमन ला भगा देवय;
[6] ओमन के डहार ह अंधियार हो जावय अऊ ओमा फिसलन होवय, अऊ यहोवा के स्वरगदूत ह ओमन के पीछा करत रहय।
[7] काबरकि ओमन बिगर कारन के मोर बर जाल बिछाईन अऊ बिगर कारन के मोर बर खंचवा कोड़िन।
[8] अचानक ओमन के बिनास हो जावय— अपन बिछाय जाल म ओमन खुद फंस जावंय, अपन खने खंचवा म ओमन खुद गिरंय, अऊ ओमन के बिनास हो जावय।
[9] तब मोर आतमा ह यहोवा म आनंदित होही अऊ ओकर करे गे उद्धार ले खुस होही।
[10] मोर पूरा हिरदय ह कहिही, “हे यहोवा, तोर सहीं कोन हवय? तेंह गरीबमन ला ओमन ले बचाथस, जेमन बहुंत बलवान हवंय, अऊ गरीब अऊ जरूरतमंद ला ओमन ले बचाथस, जेमन ओमन ला लूटथें।”
[11] निरदयी गवाहमन ठाढ़ होथें; अऊ ओमन मोर ले ओ बिसय म सवाल करथें, जेकर बारे म मेंह कुछू नइं जानंव।
[12] ओमन मोर भलई के बदले मोर ले बुरई करथें अऊ मोला एक सोकित मनखे के सहीं छोंड़ देथें।
[13] तभो ले जब ओमन बेमार रिहिन, त मेंह ओमन ला दुख के ओनहा ओढ़ांय अऊ मेंह अपनआप ला नम्र करके उपास करेंव। जब मोर पराथनामन बिगर जबाब के मोर करा लहुंट आईन,
[14] त मेंह सोक मनांय मानो कि मेंह अपन संगी या भाई बर सोक मनात हंव। मेंह दुख म अपन मुड़ ला तरी कर लेंव मानो कि मेंह अपन दाई बर रोवत हंव।
[15] पर जब मेंह ठोकर खांय, त ओमन खुसी से जूर गीन; हमला करइयामन मोर बिगर जाने मोर बिरूध जूर गीन। ओमन बिगर रूके मोर निन्दा करिन।
[16] अधरमी मनखे सहीं ओमन जलन म मोर हंसी उड़ाईन; ओमन मोर ऊपर दांत किटकिटाईन।
[17] हे परभू, तेंह कब तक देखत रहिबे? ओमन के बिनास के काम ले मोला बचा, मोर अनमोल जिनगी ला सिंहमन के सहीं ये बईरीमन ले बचा।
[18] मेंह बड़े सभा म तोला धनबाद दूहूं; मनखेमन के भीड़ म मेंह तोर परसंसा करहूं।
[19] जऊन मन बिगर कारन के मोर बईरी अंय, ओमन बुरा नजर से मोला झन देखन पांय; जऊन मन बिगर कारन के मोर ले घिन करथें ओमन जलन से मोर ऊपर आंखी झन मारन पांय।
[20] ओमन सांति के बात नइं करंय, पर ओमन ओ मनखेमन के बिरूध लबारी बात कहिथें, जेमन देस म सांति से रहिथें।
[21] ओमन मोर हंसी उड़ाके कहिथें, “अहा! अहा! हमन अपन आंखी ले देखे हवन।”
[22] हे यहोवा, तेंह तो येला देखे हस; चुप झन रह। हे परभू मोर ले दूरिहा झन रह।
[23] जाग, अऊ मोर बचाव करे बर उठ! हे मोर परमेसर अऊ हे मोर परभू, मोर बर लड़।
[24] हे यहोवा मोर परमेसर, अपन धरमीपन म मोर रकछा कर; ओमन ला मोर बिरूध आनंदित झन होवन दे।
[25] ओमन ला ये सोचन झन दे, “अहा, इही बात तो हमन चाहत रहेंन!” या ओमन ला ये झन कहन दे, “हमन ओला लील ले हन।”
[26] ओ जम्मो, जऊन मन मोर दुख म खुस होथें, ओमन लज्जित होवंय अऊ घबरावंय; ओ जम्मो, जऊन मन मोला नीचा दिखाथें, ओमन लज्जा अऊ निन्दा ले ढंक जावंय।
[27] जऊन मन मोर सही साबित होय म खुस होथें, ओमन आनंद अऊ खुसी के जय-जयकार करंय; अऊ ओमन हमेसा कहंय, “यहोवा के बड़ई होवय, जऊन ह अपन सेवक के कुसलता म खुस होथे।”
[28] मोर मुहूं ह तोर धरमीपन के बखान करही, अऊ दिन भर तोरेच परसंसा करही।