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[1] हे यहोवा, राजा ह तोर सामर्थ म आनंदित होथे। तोर दिये गे बिजय म ओला बहुंत आनंद मिलथे!

[2] तेंह ओकर हिरदय के ईछा ला पूरा करे हस अऊ ओकर मुहूं के बिनती ला अस्वीकार नइं करे हस।

[3] तेंह उत्तम आसीस के संग ओकर ले मिले बर आय अऊ ओकर मुड़ म सुध सोन के मुकुट पहिराय हस।

[4] ओह तोर ले जिनगी मांगिस, अऊ तेंह ओला जिनगी देय— तेंह ओकर जिनगी ला सदाकाल बर बढ़ाय।

[5] जऊन जय तेंह ओला दे हस, ओकर महिमा ह बड़े ए; तेंह ओला सोभा अऊ महिमा दे हस।

[6] सही म तेंह ओला खतम नइं होवइया आसीस दे हस अऊ अपन उपस्थिति के आनंद ले ओला खुस कर दे हस।

[7] काबरकि राजा ह यहोवा ऊपर भरोसा करथे; सर्वोच्च परमेसर के बड़े मया के कारन ओह अटल बने रहिही।

[8] तोर हांथ ह तोर जम्मो बईरीमन के ऊपर पड़ही; तोर जेवनी हांथ ह तोर बईरीमन ला धर लीही।

[9] जब तेंह लड़ई करे बर परगट होबे, त तेंह ओमन ला बरत भट्ठी म बारे सहीं बार देबे। यहोवा ह अपन कोप म ओमन ला लील जाही, अऊ ओकर आगी ह ओमन ला भसम कर दीही।

[10] तेंह ओमन के संतानमन ला धरती ले नास कर देबे, मानव-जाति ले ओमन के बंस ला मिटा देबे।

[11] हालाकि ओमन तोर बिरूध सडयंत्र रचथें अऊ दुस्ट योजना बनाथें, पर ओमन सफल नइं होवंय।

[12] जब तेंह अपन धनुस ले ओमन ला अपन निसाना बनाबे। त ओमन अपन पीठ देखाके भागहीं।

[13] हे यहोवा, तोर सामर्थ ह अऊ बढ़य; हमन तोर सक्ति के गीत गाबो अऊ परसंसा करबो।

भजन-संहिता — Chapters