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[1] हे धरती के जम्मो मनखेमन, यहोवा बर आनंद के मारे चिचियावव।

[2] खुस होके यहोवा के अराधना करव; आनंद के गीत गावत ओकर आघू म आवव।

[3] ये बात ला जानव कि यहोवा ही परमेसर अय। ओही ह हमन ला बनाय हवय, अऊ हमन ओकरेच अन; हमन ओकर मनखे, ओकर चरागन के भेड़ अन।

[4] धनबाद करत ओकर कपाट के भीतर अऊ परसंसा करत ओकर अंगना म जावव; ओला धनबाद देवव अऊ ओकर नांव के महिमा करव।

[5] काबरकि यहोवा ह बने अय अऊ ओकर मया हमेसा बने रहिथे; ओकर बिसवासयोग्यता ह जम्मो पीढ़ी म बने रहिथे।

भजन-संहिता — Chapters