Listen to this chapter • 1:16
[1] हे परमेसर, मोर पुकार ला सुन; मोर पराथना ला सुन।
[2] धरती के छोर ले मेंह तोला पुकारत हंव, तोला पुकारत-पुकारत मोर मन ह दुरबल होवथे; मोला ओ चट्टान ऊपर ले जा, जऊन ह मोर ले ऊंच हे।
[3] काबरकि तेंह मोर सरन-स्थान ठहिरे हस, अऊ बईरीमन के बिरूध एक मजबूत दीवार अस।
[4] मेंह लालसा करथंव कि तोर डेरा म हमेसा बर रहंव अऊ तोर डेनामन के छइहां म सरन लेवंव।
[5] हे परमेसर, तेंह मोर मन्नतमन ला सुने हस; तेंह मोला ओमन के कुल-परंपरा ला दे हस; जऊन मन तोर नांव के भय मानथें।
[6] राजा के उमर ला बढ़ा, पीढ़ी-पीढ़ी तक ओकर उमर ला बढ़ा दे।
[7] परमेसर के उपस्थिति म ओह हमेसा सिंघासन म बईठय; ओकर रकछा म अपन मया अऊ बिसवासयोग्यता ला बनाय रख।
[8] तब मेंह हमेसा तोर नांव के परसंसा करहूं अऊ दिन-प्रतिदिन अपन मन्नतमन ला पूरा करहूं।
भजन-संहिता — Chapters
11:1221:5831:1341:2452:2561:3272:4381:2693:15103:13111:15121:26131:01141:23151:02161:53172:49187:47192:34201:32212:14225:13231:05241:36253:04261:38272:40281:47291:40301:59314:15322:04333:07343:07354:50362:02376:04383:08392:51403:39412:12422:25431:17444:26453:16461:57471:29482:16493:18503:28512:52521:42531:24541:09553:47562:11572:07582:01593:11602:01611:16622:14631:44641:46652:36663:08671:11686:21696:14701:07714:22723:07733:58744:00751:45761:45772:497811:10792:24802:45812:19821:05832:26842:03851:46862:45871:02882:30897:23902:29912:15922:02930:58943:04951:41961:58971:44981:32991:371000:501011:251023:381033:021045:071056:101066:481075:331081:481094:271101:131111:361121:341131:081141:041152:341162:311170:261184:0811920:241200:571211:011221:141230:481241:041251:001260:591271:071281:001291:141301:151310:471322:351330:421340:291353:021363:191371:341381:261393:411401:591411:591421:191432:101442:341453:071461:381472:511482:151491:241501:01