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[1] हे यहोवा, मदद कर, काबरकि अऊ कोनो वफादार नइं अंय; जऊन मन बिसवासयोग्य अंय, ओमन मनखेमन के बीच ले गायब हो गे हवंय।

[2] हर एक मनखे अपन परोसी ले लबारी मारथे; ओमन अपन मुहूं ले चापलूसी करथें पर अपन मन म धोखा के बात रखथें।

[3] यहोवा ह जम्मो चापलूसी करइया मुहूं अऊ हर ओ घमंड करइया जीभ ला बंद कर देवय—

[4] जेमन कहिथें, “हमन अपन जीभ के दुवारा जीत जाबो; हमर खुद के ओंठ ह हमर बचाव करही—हमर मालिक कोन अय?”

[5] यहोवा ह कहिथे, “मेंह अब उठहूं, काबरकि गरीब मनखे ला लूटे जाथे अऊ जरूरतमंद ह कलहरथे। मेंह ओमन ला ओ मनखेमन ले बचाहूं, जेमन ओमन ला कलंकित करत हें।”

[6] यहोवा के बचन म कोनो कमी नइं ए, येह भट्ठी म सुध करे गे चांदी के सहीं अय, ये सात बार सुध करे गे सोन के सहीं अय।

[7] हे यहोवा, तेंह जरूरतमंद ला सही-सलामत रखबे अऊ हमन ला हमेसा बर ओ दुस्टमन ले बचाय रखबे,

[8] जेमन अकड़के चलथें जब दुस्टता ला मनखेमन के दुवारा आदर करे जाथे।

भजन-संहिता — Chapters