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[1] मेंह मदद बर परमेसर ला पुकारेंव; मोर बात ला सुने बर मेंह परमेसर ले गोहार पारेंव।

[2] जब मेंह तकलीफ म रहेंव, त मेंह परभू ला खोजेंव; रथिया बिगर थके हांथ ला बढ़ांय, अऊ मोला सांति नइं मिलिस।

[3] हे परमेसर, मेंह तोला सुरता करेंव अऊ कलहरेंव; मेंह चिंतन-मनन करेंव, अऊ मोर आतमा ह दुरबल हो गीस।

[4] तेंह मोर आंखी ला बंद होवन नइं दे; मोला गोठियाय म बहुंत तकलीफ होवत रिहिस।

[5] मेंह तइहा जमाना के बारे म सोचेंव, बहुंत साल पहिले के बारे म;

[6] मेंह रथिया अपन गीतमन ला सुरता करेंव। मोर मन ह चिंतन-मनन करिस अऊ मोर आतमा ह पुछिस:

[7] “का परभू ह हमेसा बर तियाग दीही? का ओह फेर कभू दया नइं देखाही?

[8] का ओकर अटूट मया ह हमेसा बर खतम हो गीस? का ओकर परतिगियां ह हमेसा बर खतम हो गीस?

[9] का परमेसर ह दयालु होय के बात ला भुला गे हवय? का ओह गुस्सा होके अपन करूना ला रोक ले हवय?”

[10] तब मेंह सोचेंव, “मेंह ये अपील करहूं: ओ सालमन म जब सर्वोच्च परमेसर ह अपन जेवनी हांथ ला बढ़ाईस।

[11] मेंह यहोवा के काम ला सुरता करहूं; हव, मेंह बहुंत पहिले के तोर चमतकार के काममन ला सुरता करहूं।

[12] मेंह तोर जम्मो काम ऊपर बिचार करहूं अऊ तोर जम्मो बड़े काम ऊपर चिंतन-मनन करहूं।”

[13] हे परमेसर, तोर रसता ह पबितर ए। कोन देवता ह हमर परमेसर के सहीं महान ए?

[14] तेंह ओ परमेसर अस, जऊन ह चमतकार करथे; तेंह मनखेमन के बीच म अपन सामर्थ देखाथस।

[15] अपन सक्तिसाली हांथ ले तेंह अपन मनखे, याकूब अऊ यूसुफ के संतानमन ला छोंड़ाय।

[16] हे परमेसर, समुंदर ह तोला देखिस, समुंदर ह तोला देखके छटपटाय लगिस; समुंदर के गहरई तक उथल-पुथल हो गीस।

[17] बादर ले बारिस होय लगिस, अकास म गरजन होय लगिस; तोर तीरमन आघू-पाछू चले लगिन।

[18] तोर गरजन ह बवंडर म सुनई दीस, तोर बिजली ह संसार ला अंजोर कर दीस; धरती ह थरथराय अऊ कांपे लगिस।

[19] तोर रसता ह समुंदर म ले होके गीस, तोर डहार ह गहिरा पानी म ले होके गीस, हालाकि तोर गोड़ के चिनहांमन नइं दिखिन।

[20] तेंह मूसा अऊ हारून के दुवारा अपन मनखेमन के अगुवई एक झुंड के रूप करे।

भजन-संहिता — Chapters