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[1] हे मोर परमेसर, हे मोर परमेसर, तेंह मोला काबर तियाग दे हस? तेंह मोर बचाव काबर नइं करत हस? मोर पीरा के गोहार ला काबर नइं सुनत हस?

[2] हे मोर परमेसर, मेंह दिन म गोहारथंव, पर तेंह जबाब नइं देवस, रथिया घलो, मोला अराम नइं मिलय।

[3] पर तेंह पबितर परमेसर के रूप म बिराजमान हस; तेंह ओ अस, जेकर परसंसा इसरायल करथे।

[4] तोर ऊपर ही हमर पुरखामन भरोसा करिन; ओमन भरोसा करिन अऊ तेंह ओमन ला छोंड़ाय।

[5] तोर ले ओमन गोहारिन अऊ ओमन बचाय गीन; तोर ऊपर ओमन भरोसा करिन अऊ ओमन लज्जा म नइं पड़िन।

[6] पर में तो एक कीरा अंव, मनखे नइं, हर एक जन मोला अपमानित करथें, मनखेमन मोला तुछ समझथें।

[7] ओ जम्मो झन, जेमन मोला देखथें, ओमन मोर हंसी उड़ाथें; ओमन अपन मुड़ हला-हलाके मोर बेजत्ती करथें।

[8] ओमन कहिथें, “ओह यहोवा ऊपर भरोसा करथे, यहोवा ह ओला बचावय। जब ओह यहोवा म खुस रहिथे, त ओही ह ओला छोंड़ावय।”

[9] तभो ले तेंह मोला गरभ ले बाहिर लानय, जब मेंह दूध पीयत लइका रहेंव, तब ले तेंह मोला तोर ऊपर भरोसा करे बर सिखोय हस।

[10] जनम ले ही मोला तोर देखरेख म छोंड़ दिये गीस; जब मेंह मोर दाई के गरभ म रहेंव, तब ले ही तेंह मोर परमेसर अस।

[11] मोर ले दूरिहा झन रह, काबरकि समस्या ह लकठा म हवय अऊ कोनो मदद करइया नइं ए,

[12] बहुंत अकन सांड़मन मोला घेरत हवंय; बासान देस के बलवान सांड़मन मोला चारों कोति ले घेरत हवंय।

[13] गरजत सिंह, जेमन अपन सिकार ला फाड़ डालथें, ओमन मोर बिरोध म अपन मुहूं खोलत हवंय।

[14] मेंह पानी कस ढारे जावत हंव, अऊ मोर जम्मो हाड़ामन अपन जोड़ ले खिसक गे हवंय। मोर हिरदय ह मोम कस हो गे हवय; येह मोर भीतर म ही टघल गे हवय।

[15] मोर मुहूं ह माटी के टूटे बरतन सहीं सूखा गे हवय, अऊ मोर जीभ ह मोर तालू म चिपकत हे, तेंह मोला मिरतू के माटी म लेटाथस।

[16] कुकुरमन मोला घेरत हें, दुस्ट मनखेमन के एक दल ह मोला चारों कोति ले घेरत हे; ओमन मोर हांथ अऊ गोड़मन ला छेदत हवंय।

[17] मोर जम्मो हाड़ामन दिखत हवंय; मनखेमन मोला घूरथें अऊ गंदा नजर ले देखथें।

[18] ओमन मोर ओनहा ला आपस म बांट लेथंय अऊ मोर कुरता बर चिट्ठी निकालथें।

[19] पर हे यहोवा, तेंह मोर ले दूरिहा झन रह। तेंह मोर ताकत अस; मोर मदद करे बर जल्दी आ।

[20] मोर जिनगी ला तलवार ले बचा, मोर बहुमोल जिनगी ला कुकुरमन के सक्ति ले बचा।

[21] सिंहमन के मुहूं ले मोला बचा; जंगली बईलामन के सींग ले मोला बचा।

[22] मेंह अपन भाईमन के आघू म तोर नांव के परचार करहूं; सभा के बीच म, मेंह तोर परसंसा करहूं।

[23] हे यहोवा के भय मनइयामन, ओकर परसंसा करव! हे याकूब के जम्मो संतानमन, ओकर आदर करव! हे इसरायल के जम्मो संतानमन, ओकर सम्मान करव!

[24] काबरकि ओह दुख म परे मनखे ला तुछ नइं समझे हे या ओला छोंड़ नइं दे हे; ओह ओकर ले अपन मुहूं नइं छुपाय हवय पर मदद बर ओकर गोहार ला सुने हवय।

[25] बड़े सभा म तोर परसंसा के बिसय तोरेच करा ले आथे; जऊन मन तोर भय मानथें, ओमन के आघू म मेंह अपन मन्नत ला पूरा करहूं।

[26] गरीबमन खाहीं अऊ संतुस्ट हो जाहीं; जऊन मन यहोवा ला खोजथें, ओमन ओकर परसंसा करहीं— तुम्हर परान हमेसा जीयत रहय!

[27] धरती के जम्मो छोर तक मनखेमन यहोवा ला सुरता करहीं अऊ ओकर कोति फिरहीं, अऊ जाति-जाति के जम्मो परिवारमन ओकर आघू म दंडवत करहीं।

[28] काबरकि राज ह यहोवा के ही अय अऊ जाति-जाति के मनखेमन ऊपर ओहीच ह राज करथे।

[29] धरती के जम्मो धनवानमन भोज खाहीं अऊ ओकर अराधना करहीं; ओ जम्मो जऊन मन धुर्रा म मिल जाथें, ओमन ओकर आघू म माड़ी टेकहीं— ओ मनखे, जऊन मन अपनआप ला जीयत नइं रख सकंय।

[30] अवइया पीढ़ी के मनखेमन ओकर सेवा करहीं; अवइया पीढ़ी के मनखेमन ला परभू के बारे बताय जाही।

[31] ओमन ओकर धरमीपन के बखान करहीं, ओ मनखेमन के आघू म बखान करहीं, जेमन अभी जनमे नइं अंय: ओह येला करे हवय!

भजन-संहिता — Chapters