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[1] हे यहोवा, तेंह मोला जांचे हस, अऊ तेंह मोला जानथस।

[2] मेंह कब उठथंव अऊ कब बईठथंव, तेंह जानथस, तेंह मोर बिचारमन ला दूरिहा ले ही समझ लेथस।

[3] तेंह मोर जवई अऊ मोर लेटई ला जानथस; तोला मोर जम्मो बात के जानकारी हवय।

[4] हे यहोवा, येकर पहिले कि कोनो बात मोर मुहूं म आवय तेंह ओला पूरा जानथस।

[5] तेंह मोला आघू-पाछू ले घेरे रहिथस, अऊ तेंह मोर ऊपर अपन हांथ रखथस।

[6] अइसने गियान ह मोर बर बहुंत अद्भूत ए, येला पाना मोर बर बहुंत दूरिहा के बात ए।

[7] तोर आतमा ले बचके मेंह कहां जा सकथंव? तोर आघू ले बचके मेंह कहां भाग सकथंव?

[8] कहूं मेंह अकास ऊपर जावंव, त तेंह उहां हस; कहूं मेंह अपन दसना गहरई म दसावंव, त तेंह उहां हस।

[9] कहूं मेंह उठके बड़े बिहनियां के डेना म बईठके दूरिहा चले जावंव, कहूं मेंह दूरिहा समुंदर म बस जावंव,

[10] त उहां घलो तोर हांथ ह मोर अगुवई करही, तोर जेवनी हांथ ह मोला मजबूती से थामे रहिही।

[11] कहूं मेंह कहंव, “खचित अंधियार ह मोला छुपा लीही अऊ चारों कोति के अंजोर ह रथिया के अंधियार हो जाही,”

[12] तभो ले अंधियार ह तोर बर अंधियार नइं होही; रथिया ह दिन के सहीं चमकही, काबरकि अंधियार ह तोर बर अंजोर सहीं अय।

[13] काबरकि तेंह मोर भीतरी भाग ला बनाय हस; तेंह मोर दाई के गरभ म मोला एक संग जोड़े हस।

[14] मेंह तोर परसंसा करथंव काबरकि मेंह भयानक अऊ अद्भूत रीति से बनाय गे हवंव; तोर काममन अद्भूत अंय, मेंह ओला बने करके जानथंव।

[15] जब मोला गुपत जगह म बनाय गीस, जब मोला धरती के गहरई म एक संग बुने गीस, त मोर ढांचा ह तोर ले छुपे नइं रिहिस।

[16] तोर आंखी ह मोर बिगर आकार के देहें ला देखिस; मोर देहें के अंग, जऊन मन बनत जावत रिहिन, ओमन रचे जाय के पहिले तोर किताब म लिखाय रिहिन।

[17] हे परमेसर, तोर बिचारमन मोर बर कतेक कीमती अंय! कुल मिलाके ओमन के जोड़ ह कतेक बड़े हे!

[18] कहूं मेंह ओमन के गनती करंव, त ओमन के गनती बालू के कन ले घलो जादा होही— जब मेंह जागथंव, तब भी मेंह तोर संग रहिथंव।

[19] हे परमेसर, बने होतिस कि तेंह दुस्टमन ला मार डारते! हे खून के पीयासा मनखेमन, मोर ले दूरिहा हटव!

[20] ओमन तोर बारे म बुरई के इरादा से बात करथें; तोर बिरोधीमन तोर नांव के गलत उपयोग करथें।

[21] हे यहोवा, का मेंह ओमन ले घिन नइं करंव, जऊन मन तोर ले घिन करथें, अऊ का ओमन ले घिन नइं करंव, जऊन मन तोर बिरूध बिदरोह करथें?

[22] मोर करा ओमन बर घिन करे के अलावा अऊ कुछू नइं ए; मेंह ओमन ला अपन बईरी समझथंव।

[23] हे परमेसर, मोला जांचके मोर हिरदय ला जान ले; मोला परखके मोर उत्सुक बिचारमन ला जान ले।

[24] देख कि कहूं मोर म कोनो खराप चाल तो नइं ए, अऊ अनंत के रसता म मोर अगुवई कर।

भजन-संहिता — Chapters