[1] हे मोर परमेसर, मोर ऊपर दया कर, मोर ऊपर दया कर, काबरकि मेंह तोर करा सरन लेथंव। जब तक बिपत्ति ह टर नइं जाही मेंह तोर डेनामन के छइहां म सरन लूहूं।
[2] मेंह सर्वोच्च परमेसर ला पुकारथंव, ओ परमेसर, जऊन ह मोर रकछा करथे।
[3] ओह स्वरग ले पठोथे अऊ मोला बचा लेथे, अऊ ओमन ला डांटथे, जऊन मन मोर बहुंत पीछा करथें— परमेसर ह अपन मया अऊ अपन बिसवासयोग्यता देखाथे।
[4] मेंह सिंहमन के बीच म हंव; मेंह भूखा जानवरमन के बीच म रहे बर मजबूर हंव— ओ मनखे, जेमन के दांतमन बरछी अऊ तीर सहीं अंय, जेमन के जीभमन धारवाले तलवार सहीं अंय।
[5] हे परमेसर, तोर महिमा ह स्वरगमन ले घलो ऊपर होवय; जम्मो धरती ऊपर तोर महिमा होवय।
[6] ओमन मोर गोड़ बर एक जाल बिछाथें— दुख म मोर चेहरा ह झुक गे हवय। ओमन मोर रसता म एक खंचवा खनिन— पर ओमा ओमन खुद गिर गे हवंय।
[7] हे परमेसर, मोर मन ह अटल हवय, मोर मन ह अटल हवय; मेंह गाहूं अऊ बाजा बजाहूं।
[8] हे मोर आतमा, जाग! हे बीना अऊ सारंगी, जागव! मेंह बड़े बिहनियां ला जगाहूं।
[9] हे परभू, मेंह जाति-जाति के मनखेमन के बीच म तोर परसंसा करहूं; मेंह मनखेमन के बीच म तोर गीत गाहूं।
[10] काबरकि तोर मया ह अतेक महान ए कि ओह स्वरग तक हबरत हे; तोर बिसवासयोग्यता ह अकास तक हबरत हे।
[11] हे परमेसर, तोर महिमा स्वरगमन ले घलो ऊपर होवय; जम्मो धरती ऊपर तोर महिमा होवय।