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[1] सही म परमेसर ह इसरायल बर, याने कि ओमन बर बने अय, जेमन के मन साफ हवय।

[2] पर जहां तक मोर बात ए, मोर गोड़ ह लगभग फिसल गे रिहिस; मेंह गिरनेचवाला रहेंव।

[3] मेंह घमंडी मनखे ले डाह करेंव जब मेंह दुस्टमन के उन्नति ला देखेंव।

[4] ओमन करा कोनो समस्या नइं ए; ओमन के सरीर ह स्वस्थ अऊ मजबूत हे।

[5] ओमन के ऊपर समान्य मनखे सहीं बोझ नइं ए; ओमन ला मनखेमन के बेमारी नइं होवय।

[6] एकर कारन घमंड ह ओमन के गला के हार ए; हिंसा ह ओमन के कपड़ा सहीं अय।

[7] ओमन के कठोर हिरदय ले दुस्ट काम निकलथे; ओमन के दुस्ट कल्पना के कोनो सीमना नइं ए।

[8] ओमन ठट्ठा करथें, अऊ बुरई करे के बात करथें; घमंड करके ओमन अतियाचार करे के धमकी देथें।

[9] ओमन बड़े डींग मारथें, अऊ ओमन धरती ला अधिकार म लेय के बात करथें।

[10] एकरसेति ओमन के मनखेमन ओमन करा लहुंट आथें अऊ बहुंत पानी पीथें।

[11] ओमन कहिथें, “परमेसर ह कइसे जानही? का सर्वोच्च परमेसर ह कुछू जानथे?”

[12] दुस्ट मनखेमन अइसने अंय— ओमन हमेसा बेपरवाह रहिथें, ओमन धन इकट्ठा करे म लगे रहिथें।

[13] ये बात सही ए कि मेंह बेकार म अपन हिरदय ला सुध अऊ अपन हांथमन ला निरदोस बनाय रखेंव।

[14] दिन भर मेंह दुख सहत रहेंव, अऊ हर दिन मोला नवां दंड मिलथे।

[15] कहूं मेंह वइसने कहे होतेंव, त मेंह तोर लइकामन ला धोखा दे होतेंव।

[16] जब मेंह ये जम्मो बात ला समझे के कोसिस करेंव, त येह मोला बहुंत परेसान करिस

[17] जब तक कि मेंह परमेसर के पबितर-स्थान म नइं चले गेंव; तब मेंह ओमन के आखिरी परिनाम ला समझेंव।

[18] खचित तेंह ओमन ला फिसलनेवाला जगह म रखथस; तेंह ओमन ला गिराके नास कर देथस।

[19] कइसे अचानक ओमन नास हो जाथें, आतंक ले पूरा खतम हो जाथें!

[20] ओमन जागत मनखे के एक सपना देखे सहीं अंय; हे परभू, जब तेंह उठबे, त कल्पना के बात सहीं तेंह ओमन ला तुछ समझबे।

[21] जब मोर हिरदय ह दुखित रिहिस अऊ मोर आतमा ह करू हो गे रिहिस,

[22] त मेंह निरबुद्धि अऊ अगियानी रहेंव; मेंह तोर आघू म एक जंगली पसु रहेंव।

[23] तभो ले मेंह हमेसा तोर संग हंव; तेंह मोर जेवनी हांथ ला धरके मोला थामे रहिथस।

[24] तेंह अपन सलाह देके मोर अगुवई करथस, अऊ ओकर बाद तेंह मोला महिमा म अपन करा ले लेबे।

[25] स्वरग म तोर छोंड़ मोर अऊ कोन हवय? अऊ धरती म तोर अलावा मेंह अऊ काकरो ईछा नइं करंव।

[26] मोर मांस अऊ मोर हिरदय असफल हो सकथें, पर परमेसर ह हमेसा बर मोर हिरदय के बल अऊ मोर भाग ए।

[27] जऊन मन तोर ले दूरिहा हवंय, ओमन नास हो जाहीं; तेंह ओ जम्मो झन ला नास कर देथस, जऊन मन तोर बर ईमानदार नइं एं।

[28] पर जहां तक मोर बात ए, परमेसर के लकठा म रहई बने बात ए। मेंह परमपरधान यहोवा ला अपन सरन-स्थान बनाय हंव; मेंह तोर जम्मो काम के बखान करहूं।

भजन-संहिता — Chapters