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[1] हे यहोवा, मोर पराथना ला सुन, दया के मोर गोहार ला सुन; अपन बिसवासयोग्यता अऊ धरमीपन के कारन मोर मदद करे बर आ।

[2] अपन सेवक ला नियाय के आघू म झन लान, काबरकि कोनो जीयत मनखे तोर आघू म धरमी नो हय।

[3] बईरी ह मोर पीछा करथे, ओह मोला कुचरके माटी म मिला देथे; बहुंत पहिले मरे मनखेमन सहीं ओह मोला अंधियार म डार देथे।

[4] एकरसेति मोर आतमा ह भीतरे-भीतर बियाकुल होवत हे, मोर मन ह भीतरे-भीतर भयभीत हवय।

[5] मेंह बहुंत पहिले के दिनमन ला सुरता करथंव; मेंह तोर जम्मो काम ऊपर मनन-चिंतन करथंव अऊ जऊन कुछू तेंह करे हस, ओकर ऊपर बिचार करथंव।

[6] मेंह तोर कोति अपन हांथ बढ़ावत हंव; मेंह सूखा भुइयां सहीं तोर बर पीयासन हंव।

[7] हे यहोवा, मोला जल्दी जबाब दे; मोर आतमा ह दुरबल होवत हे। अपन चेहरा ला मोर ले झन छिपा नइं तो मेंह ओमन सहीं हो जाहूं, जऊन मन खाल्हे कबर म चले जाथें।

[8] बिहनियां ह मोर बर तोर अटूट मया के खबर लानय, काबरकि मेंह तोर ऊपर भरोसा करे हवंव। मोला ओ डहार देखा, जेमा मोला चलना चाही, काबरकि मेंह अपन जिनगी तोला सऊंपत हंव।

[9] हे यहोवा, मोला मोर बईरीमन ले बचा, काबरकि मेंह अपनआप ला तोर आड़ म छुपावत हंव।

[10] तोर ईछा ला पूरा करे के बात मोला सिखा, काबरकि तेंह मोर परमेसर अस; तोर बने आतमा ह मोला समतल भुइयां म ले चलय।

[11] हे यहोवा, अपन नांव के हित म, मोर जिनगी ला बनाय रख; अपन धरमीपन के कारन, मोला समस्या ले बाहिर निकाल।

[12] अपन अटूट मया के कारन, मोर बईरीमन के मुहूं ला बंद कर दे; मोर जम्मो बिरोधीमन ला नास कर दे, काबरकि मेंह तोर सेवक अंव।

भजन-संहिता — Chapters