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[1] बिपत्ति के बेरा म यहोवा ह तोर बिनती के जबाब देवय; याकूब के परमेसर के नांव ह तोला बचावय।

[2] पबितर-स्थान ले ओह तोर बर मदद पठोवय अऊ सियोन ले तोला मदद देवय।

[3] ओह तोर जम्मो बलिदान ला सुरता करय; अऊ तोर होम-बलिदान ला स्वीकार करय।

[4] ओह तोर मन के ईछा ला पूरा करय अऊ तोर जम्मो योजना ला सफल करय।

[5] हमन तोर जय के कारन आनंद के मारे चिचियावन अऊ अपन परमेसर के नांव के झंडा ला ऊंचा करन। यहोवा ह तोर जम्मो बिनती ला पूरा करय।

[6] अब ये बात मेंह जानत हंव: यहोवा ह अपन अभिसिक्त जन ला बिजयी बनाथे। ओह ओला अपन स्वरगीय पबितर-स्थान ले अपन जेवनी हांथ के बिजयी सक्ति के संग जबाब देथे।

[7] कुछू मनखेमन रथ ऊपर अऊ कुछू मनखेमन घोड़ामन ऊपर भरोसा करथें, पर हमन तो यहोवा हमर परमेसर के नांव ऊपर भरोसा करथन।

[8] ओमन ला ओमन के माड़ी म लाय जाथे अऊ ओमन गिरथें, पर हमन उठके मजबूती से खड़े रहिथन।

[9] हे यहोवा, राजा ला बिजयी बना! जब हमन पुकारथन, त हमन ला जबाब दे!

भजन-संहिता — Chapters