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[1] धरती अऊ येमा के हर एक चीज यहोवा के अय, संसार, अऊ ओ जम्मो जेमन येमा रहिथें;

[2] काबरकि ओह एकर नीव समुंदरमन के ऊपर रखिस अऊ पानी के ऊपर येला इस्थिर करिस।

[3] यहोवा के पहाड़ ऊपर कोन चढ़ सकत हे? ओकर पबितर स्थान म कोन ठाढ़ हो सकत हे?

[4] ओह, जेकर काम सही अऊ हिरदय सुध हवय, जऊन ह मूरती ऊपर भरोसा नइं करय या लबरा ईस्वर के सपथ नइं खावय।

[5] ओह यहोवा ले आसीस पाही अऊ ओला अपन उद्धार करइया परमेसर ले सुरकछा मिलही।

[6] अइसने ही होथे ओमन के पीढ़ी, जऊन मन परमेसर के खोज करथें, हे याकूब के परमेसर, जऊन मन तोर दरसन के खोज म रहिथें।

[7] हे दुवारमन, अपन मुड़ ला ऊंचा करव; हे पुराना जमाना के कपाटमन, ऊपर उठव, ताकि महिमा के राजा ह भीतर आवय।

[8] ये महिमा के राजा कोन ए? यहोवा, जऊन ह बलवान अऊ सक्तिसाली ए, यहोवा, जऊन ह लड़ई म सक्तिसाली ए।

[9] हे दुवारमन, अपन मुड़ ला ऊंचा करव; हे पुराना जमाना के कपाटमन, ऊपर उठव, ताकि महिमा के राजा ह भीतर आवय।

[10] ये महिमा के राजा कोन ए? सर्वसक्तिमान यहोवा— ओह महिमा के राजा अय।

भजन-संहिता — Chapters