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[1] धइन अय ओ मनखे, जऊन ह दुस्टमन के चाल म नइं चलय या पापीमन के रद्दा म ठाढ़ नइं होवय, या ठट्ठा करइयामन के संग म नइं बईठय,

[2] पर ओह यहोवा के कानून म खुस रहिथे, अऊ ओह ओकर कानून म रात अऊ दिन मनन-चिंतन करत रहिथे।

[3] ओ मनखे ह ओ रूख सहीं अय, जऊन ला बहत नरवा के तीर म लगाय गे हवय, अऊ सही समय म फरथे, अऊ जेकर पान ह कभू नइं अयलाय— जऊन कुछू ओह करथे, ओह सफल होथे।

[4] दुस्ट मनखेमन अइसे नइं होवंय, ओमन बदरा जइसे होथें, जऊन ला हवा ह उड़िया ले जाथे।

[5] एकरसेति दुस्ट मनखेमन अदालत म ठहर नइं सकंय, अऊ न ही पापीमन धरमीमन के सभा म ठहिरहीं।

[6] काबरकि यहोवा के नजर ह धरमीमन के चालचलन ऊपर रहिथे, पर दुस्टमन के चालचलन ह ओमन ला बिनास कोति ले जाथे।

भजन-संहिता — Chapters