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[1] दाऊद का ज़बूर। रब मेरा चरवाहा है, मुझे कमी न होगी।

[2] वह मुझे शादाब चरागाहों में चराता और पुरसुकून चश्मों के पास ले जाता है।

[3] वह मेरी जान को ताज़ादम करता और अपने नाम की ख़ातिर रास्ती की राहों पर मेरी क़ियादत करता है।

[4] गो मैं तारीकतरीन वादी में से गुज़रूँ मैं मुसीबत से नहीं डरूँगा, क्यूँकि तू मेरे साथ है, तेरी लाठी और तेरा असा मुझे तसल्ली देते हैं।

[5] तू मेरे दुश्मनों के रू-ब-रू मेरे सामने मेज़ बिछा कर मेरे सर को तेल से तर-ओ-ताज़ा करता है। मेरा प्याला तेरी बरकत से छलक उठता है।

[6] यक़ीनन भलाई और शफ़्क़त उम्र भर मेरे साथ साथ रहेंगी, और मैं जीते जी रब के घर में सुकूनत करूँगा।

ज़बूर — Chapters