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[1] रब की हम्द हो! मुबारक है वह जो अल्लाह का ख़ौफ़ मानता और उस के अह्काम से बहुत लुत्फ़अन्दोज़ होता है।

[2] उस के फ़र्ज़न्द मुल्क में ताक़तवर होंगे, और दियानतदार की नस्ल को बरकत मिलेगी।

[3] दौलत और ख़ुशहाली उस के घर में रहेगी, और उस की रास्तबाज़ी अबद तक क़ाइम रहेगी।

[4] अंधेरे में चलते वक़्त दियानतदारों पर रौशनी चमकती है। वह रास्तबाज़, मेहरबान और रहीम है।

[5] मेहरबानी करना और क़र्ज़ देना बाबरकत है। जो अपने मुआमलों को इन्साफ़ से हल करे वह अच्छा करेगा,

[6] क्यूँकि वह अबद तक नहीं डगमगाएगा। रास्तबाज़ हमेशा ही याद रहेगा।

[7] वह बुरी ख़बर मिलने से नहीं डरता। उस का दिल मज़बूत है, और वह रब पर भरोसा रखता है।

[8] उस का दिल मुस्तह्कम है। वह सहमा हुआ नहीं रहता, क्यूँकि वह जानता है कि एक दिन मैं अपने दुश्मनों की शिकस्त देख कर ख़ुश हूँगा।

[9] वह फ़य्याज़ी से ज़रूरतमन्दों में ख़ैरात बिखेर देता है। उस की रास्तबाज़ी हमेशा क़ाइम रहेगी, और उसे इज़्ज़त के साथ सरफ़राज़ किया जाएगा।

[10] बेदीन यह देख कर नाराज़ हो जाएगा, वह दाँत पीस पीस कर नेस्त हो जाएगा। जो कुछ बेदीन चाहते हैं वह जाता रहेगा।

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