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[1] शुक्रगुज़ारी की क़ुर्बानी के लिए ज़बूर। ऐ पूरी दुनिया, ख़ुशी के नारे लगा कर रब की मद्हसराई करो!
[2] ख़ुशी से रब की इबादत करो, जश्न मनाते हुए उस के हुज़ूर आओ!
[3] जान लो कि रब ही ख़ुदा है। उसी ने हमें ख़ल्क़ किया, और हम उस के हैं, उस की क़ौम और उस की चरागाह की भेड़ें।
[4] शुक्र करते हुए उस के दरवाज़ों में दाख़िल हो, सताइश करते हुए उस की बारगाहों में हाज़िर हो। उस का शुक्र करो, उस के नाम की तम्जीद करो!
[5] क्यूँकि रब भला है। उस की शफ़्क़त अबदी है, और उस की वफ़ादारी पुश्त-दर-पुश्त क़ाइम है।
ज़बूर — Chapters
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