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[1] दाऊद का ज़ियारत का गीत। इस्राईल कहे, “अगर रब हमारे साथ न होता,

[2] अगर रब हमारे साथ न होता जब लोग हमारे ख़िलाफ़ उठे

[3] और आग-बगूला हो कर अपना पूरा ग़ुस्सा हम पर उतारा, तो वह हमें ज़िन्दा हड़प कर लेते।

[4] फिर सैलाब हम पर टूट पड़ता, नदी का तेज़ धारा हम पर ग़ालिब आ जाता

[5] और मुतलातिम पानी हम पर से गुज़र जाता।”

[6] रब की हम्द हो जिस ने हमें उन के दाँतों के हवाले न किया, वर्ना वह हमें फाड़ खाते।

[7] हमारी जान उस चिड़िया की तरह छूट गई है जो चिड़ीमार के फंदे से निकल कर उड़ गई है। फंदा टूट गया है, और हम बच निकले हैं।

[8] रब का नाम, हाँ उसी का नाम हमारा सहारा है जो आसमान-ओ-ज़मीन का ख़ालिक़ है।

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