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[1] दाऊद का ज़बूर। ज़ियारत का गीत। जब भाई मिल कर और यगान्गत से रहते हैं यह कितना अच्छा और प्यारा है।

[2] यह उस नफ़ीस तेल की मानिन्द है जो हारून इमाम के सर पर उंडेला जाता है और टपक टपक कर उस की दाढ़ी और लिबास के गरेबान पर आ जाता है।

[3] यह उस ओस की मानिन्द है जो कोह-ए-हर्मून से सिय्यून के पहाड़ों पर पड़ती है। क्यूँकि रब ने फ़रमाया है, “वहीं हमेशा तक बरकत और ज़िन्दगी मिलेगी।”

ज़बूर — Chapters