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[1] रब का शुक्र करो, क्यूँकि वह भला है, और उस की शफ़्क़त अबदी है।

[2] इस्राईल कहे, “उस की शफ़्क़त अबदी है।”

[3] हारून का घराना कहे, “उस की शफ़्क़त अबदी है।”

[4] रब का ख़ौफ़ मानने वाले कहें, “उस की शफ़्क़त अबदी है।”

[5] मुसीबत में मैं ने रब को पुकारा तो रब ने मेरी सुन कर मेरे पाँओ को खुले मैदान में क़ाइम कर दिया है।

[6] रब मेरे हक़ में है, इस लिए मैं नहीं डरूँगा। इन्सान मेरा क्या बिगाड़ सकता है?

[7] रब मेरे हक़ में है और मेरा सहारा है, इस लिए मैं उन की शिकस्त देख कर ख़ुश हूँगा जो मुझ से नफ़रत करते हैं।

[8] रब में पनाह लेना इन्सान पर एतिमाद करने से कहीं बेहतर है।

[9] रब में पनाह लेना शुरफ़ा पर एतिमाद करने से कहीं बेहतर है।

[10] तमाम अक़्वाम ने मुझे घेर लिया, लेकिन मैं ने अल्लाह का नाम ले कर उन्हें भगा दिया।

[11] उन्हों ने मुझे घेर लिया, हाँ चारों तरफ़ से घेर लिया, लेकिन मैं ने अल्लाह का नाम ले कर उन्हें भगा दिया।

[12] वह शहद की मक्खियों की तरह चारों तरफ़ से मुझ पर हम्लाआवर हुए, लेकिन काँटेदार झाड़ियों की आग की तरह जल्द ही बुझ गए। मैं ने रब का नाम ले कर उन्हें भगा दिया।

[13] दुश्मन ने मुझे धक्का दे कर गिराने की कोशिश की, लेकिन रब ने मेरी मदद की।

[14] रब मेरी क़ुव्वत और मेरा गीत है, वह मेरी नजात बन गया है।

[15] ख़ुशी और फ़त्ह के नारे रास्तबाज़ों के ख़ैमों में गूँजते हैं, “रब का दहना हाथ ज़बरदस्त काम करता है!

[16] रब का दहना हाथ सरफ़राज़ करता है, रब का दहना हाथ ज़बरदस्त काम करता है!”

[17] मैं नहीं मरूँगा बल्कि ज़िन्दा रह कर रब के काम बयान करूँगा।

[18] गो रब ने मेरी सख़्त तादीब की है, उस ने मुझे मौत के हवाले नहीं किया।

[19] रास्ती के दरवाज़े मेरे लिए खोल दो ताकि मैं उन में दाख़िल हो कर रब का शुक्र करूँ।

[20] यह रब का दरवाज़ा है, इसी में रास्तबाज़ दाख़िल होते हैं।

[21] मैं तेरा शुक्र करता हूँ, क्यूँकि तू ने मेरी सुन कर मुझे बचाया है।

[22] जिस पत्थर को मकान बनाने वालों ने रद्द किया वह कोने का बुन्यादी पत्थर बन गया।

[23] यह रब ने किया और देखने में कितना हैरतअंगेज़ है।

[24] इसी दिन रब ने अपनी क़ुदरत दिखाई है। आओ, हम शादियाना बजा कर उस की ख़ुशी मनाएँ।

[25] ऐ रब, मेहरबानी करके हमें बचा! ऐ रब, मेहरबानी करके कामयाबी अता फ़रमा!

[26] मुबारक है वह जो रब के नाम से आता है। रब की सुकूनतगाह से हम तुम्हें बरकत देते हैं।

[27] रब ही ख़ुदा है, और उस ने हमें रौशनी बख़्शी है। आओ, ईद की क़ुर्बानी रस्सियों से क़ुर्बानगाह के सींगों के साथ बान्धो।

[28] तू मेरा ख़ुदा है, और मैं तेरा शुक्र करता हूँ। ऐ मेरे ख़ुदा, मैं तेरी ताज़ीम करता हूँ।

[29] रब की सताइश करो, क्यूँकि वह भला है और उस की शफ़्क़त अबदी है।

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