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[1] ज़ियारत का गीत। आओ, रब की सताइश करो, ऐ रब के तमाम ख़ादिमो जो रात के वक़्त रब के घर में खड़े हो।

[2] मक़्दिस में अपने हाथ उठा कर रब की तम्जीद करो!

[3] रब सिय्यून से तुझे बरकत दे, आसमान-ओ-ज़मीन का ख़ालिक़ तुझे बरकत दे।

ज़बूर — Chapters