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[1] अयूब ह अपन बात ला आगे कहिस:

[2] “कास मोर स्थिति ह पहिली के महिनामन सहीं हो जातिस, ओ दिनमन म, जब परमेसर ह मोर देखभाल करत रिहिस,

[3] जब ओकर दीया के अंजोर ह मोर मुड़ म परत रिहिस अऊ ओकर अंजोर के जरिये मेंह अंधियार म रेंगत रहेंव!

[4] ओ दिनमन मोर बढ़िया दिन रिहिन, जब परमेसर के संग घनिस्ट संगी के रिस्ता ह मोर घर ला आसीस देवत रिहिस,

[5] जब सर्वसक्तिमान ह मोर संग म रिहिस अऊ मोर लइकामन मोर चारों कोति रिहिन,

[6] जब मोर रसता ह मलाई ले गीला होवत रिहिस अऊ चट्टानमन मोर बर जैतून के तेल के धारा बहात रिहिन।

[7] “जब मेंह सहर के कपाट करा जावंव अऊ खुला चऊक म अपन आसन म बईठंव,

[8] त जवानमन मोला देखके डहार छोंड़ देवंय अऊ डोकरामन आदर म उठके ठाढ़ हो जावंय;

[9] मुखिया मनखेमन अपन गोठियाई बंद कर देवंय अऊ अपन हांथ ले अपन मुहूं ला ढंक लेवंय;

[10] आदरनीय मनखेमन चुप हो जावंय, अऊ ओमन के जीभ ह ओमन के तालू म चपक जावय।

[11] जऊन कोनो मोर बात ला सुनय, ओह मोला बने कहय, अऊ जऊन मन मोला देखंय, ओमन मोर बड़ई करंय,

[12] काबरकि मेंह मदद मंगइया गरीब अऊ ओ अनाथ लइकामन, जेमन के मदद करइया कोनो नइं रहंय, ओमन ला छोंड़ावंव।

[13] मिरतू के खटिया म परे मनखे ह मोला आसीरबाद देवय; मोर कारन बिधवामन अपन हिरदय ले आनंद के गीत गावंय।

[14] मेंह धरमीपन ला कपड़ा सहीं पहिर ले रहेंव; नियाय ह मोर ओनहा अऊ मोर पागा रिहिस।

[15] मेंह अंधरामन बर आंखी अऊ खोरवामन बर गोड़ रहेंव।

[16] में जरूरतमंद बर ददा सहीं रहेंव; मेंह अनचिनहार मनखे के मामला ला निपटावंव।

[17] मेंह दुस्टमन के दांत ला टोरंव अऊ पीड़ित मनखे ला ओमन के पकड़ ले छोंड़ावंव।

[18] “मेंह सोचेंव, ‘में अपन घर म ही मरहूं, मोर जिनगी के दिनमन बालू कस अनगिनत होहीं।

[19] मोर जरी ह पानी तक हबरही, अऊ ओस ह रात भर मोर डारामन म रहिही।

[20] मोर महिमा ह नइं मुरझाही; धनुस ह मोर हांथ म हमेसा नवां बने रहिही।’

[21] “मनखेमन मोर बात ला मन लगाके सुनंय, अऊ चुपेचाप मोर सलाह के इंतजार करंय।

[22] मोर गोठियाय के बाद ओमन अऊ नइं गोठियांय; मोर गोठ ह ओमन के कान म सरलता से उतर जावय।

[23] ओमन बारिस के सहीं मोर बाट जोहंय अऊ बसंतकाल के बरसा सहीं मोर गोठ ला गरहन करंय।

[24] जब मेंह ओमन ऊपर मुस्करावंव, त ओमन मुसकुल से येला बिसवास करंय; मोर चेहरा के अंजोर ह ओमन बर कीमती रिहिस।

[25] मेंह ओमन बर रसता चुनेंव अऊ ओमन के मुखिया के रूप म बईठेंव; मेंह ओकर सेना के बीच म राजा सहीं रहत रहेंव; मेंह सोक करइयामन ला सांति देवइया सहीं रहेंव।

अयूब — Chapters