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[1] याहवेह का स्तवन हो. याहवेह के सम्मान में एक नया गीत गाओ, भक्तों की सभा में उनका स्तवन किया जाए.

[2] इस्राएल अपने कर्ता में आनंदित हो; ज़ियोन की सन्तति अपने राजा में उल्‍लासित हो.

[3] वे उनकी महिमा में नृत्य के साथ स्तवन करें; वे खंजरी और किन्नोर की संगत पर संगीत गाया करें.

[4] क्योंकि याहवेह का आनंद उनकी प्रजा में मगन है; वह भोले पुरुष को उद्धार से सुशोभित करते हैं.

[5] सात्विक उनके पराक्रम में प्रफुल्लित रहें, यहां तक कि वे अपने बिछौने पर भी हर्षोल्लास में गाते रहें.

[6] उनके कण्ठ में परमेश्वर के लिए सर्वोत्कृष्ट वंदना तथा उनके हाथों में दोधारी तलवार हो.

[7] वे अन्य राष्ट्रों पर प्रतिशोध तथा उनकी प्रजा पर दंड के लिए तत्पर रहें,

[8] कि उनके राजा बेड़ियों में बंदी बनाए जाएं और उनके अधिकारी लोहे की जंजीरों में,

[9] कि उनके लिए निर्धारित दंड दिया जाए, यह उनके समस्त भक्तों का सम्मान होगा. याहवेह का स्तवन हो.

स्तोत्र — Chapters