[1] यदि हमारे पक्ष में याहवेह न होते— इस्राएली राष्ट्र यही कहे—
[2] यदि हमारे पक्ष में याहवेह न होते जब मनुष्यों ने हम पर आक्रमण किया था,
[3] जब उनका क्रोध हम पर भड़क उठा था वे हमें जीवित ही निगल गए होते;
[4] बाढ़ ने हमें जलमग्न कर दिया होता, जल प्रवाह हमें बहा ले गया होता,
[5] उग्र जल प्रवाह हमें दूर बहा ले गया होता.
[6] स्तवन हो याहवेह का, जिन्होंने हमें उनके दांतों से फाड़े जाने से बचा लिया है.
[7] हम उस पक्षी के समान हैं जो बहेलिए के जाल से बच निकले है; वह जाल टूट गया, और हम बच निकले.
[8] हमारी सहायता याहवेह के नाम से है, जो स्वर्ग और पृथ्वी के कर्ता हैं.
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