[1] वे सभी धन्य हैं, जिनमें याहवेह के प्रति श्रद्धा-भय-भाव पाया जाता है, जो उनकी नीतियों का आचरण करते हैं.
[2] जिसके लिए तुम अपने हाथों से श्रम करते रहे हो, तुम्हें उसका प्रतिफल प्राप्त होगा; तुम धन्य होगे और कल्याण होगा तुम्हारा.
[3] तुम्हारे परिवार में तुम्हारी पत्नी फलदायी दाखलता समान होगी; तुम्हारी मेज़ के चारों ओर तुम्हारी संतान जैतून के अंकुर समान होगी.
[4] धन्य होता है वह जिसमें याहवेह के प्रति श्रद्धा-भय-भाव पाई जाती है.
[5] ज़ियोन से याहवेह तुम पर तुम्हारे जीवन, के हर एक दिन आशीषों से भरते रहें, तुम आजीवन येरूशलेम की समृद्धि देखो.
[6] वस्तुतः, तुम अपनी संतान की भी संतान देखने के लिए जीवित रहो. इस्राएल राष्ट्र में शांति स्थिर रहे.
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