[1] साऊल उनकर बध् में राजी हल। ऊहे दिन यरूसलेम के कलीसिया पर बड़ उप द्दर सुरू होलइ आउर परेरितमन के छोड़ सभ के सभ यहूदिया आउर सामरिया देस में छितिर-बितिर हो गेलइ।
[2] कुछ भक्तवन सि्तप फनुस के कब्बर में रखलकय आउर उनका ला ढ़ेर बिलाप कय लकय।
[3] साउल कलीसिया के उजाड़ रहलइ हल; आउर घरे-घर घुस के आमदिय न आउर अउरतिय न के खीच-खीच के जेहल में डालऽ हल।
[4] जे छितिर-बितिर होल हलन, ओ सुभसमाचार सुनइते घूरलन;
[5] आउर फिलिप्पुस सामरिया सहर में जाके लोग में मसीह के परचार करे लगलन।
[6] जे बात फिलिप्पुस कहलन ओकरा लोग सुनके आउर जे चिन्हासी उ देखावऽ हलन ओकरा देखके, एक चित्त होके मन लगय लन।
[7] काहेकि ढ़ेरमनी असुद्ध आतमा जोर से चिचिया के निकस गेलइ, आउर ढ़ेरेक लकवा के रोगी आउर लंगड़ो चंगा कयल गेलइ;
[8] आउर उ सहर में बेसी खुसी छा गेलइ।
[9] एकरा से पहिले उ सहर में स मौन नाँव के एगो आमदी हल, जे जादू-टोना करके सामरिया के लोग के चकित करइत आउर अपनही अपने के एगो बड़ आमदी बतावइत हल।
[10] छोट से बड़ ले सब ओकरा इज्ज त करके कहऽ हलन, “ई आमदी परमेसर के उ तागत हे, जे महान कहावऽ हे।”
[11] उ ढ़ेर दिन से ओखनी के अप्पण जादू के काम से चकित कर रखलन हल, एहिसे ओ ओकरा ढ़ेर मानऽ हलन।
[12] बाकि जब ओखनी फिलिप्पुस के बिसवास कयलन जे परमेसर के राज आउर यीसू के नाँव के सुभसमाचार सुनावइत हल तो लोग, का आमदी, का अउरत, बपतिसमा लेवे लगलन।
[13] तब स मौन खुदे बिसवास कयलन आउर बपतिसमा लेके फिलिप्पुस के ज उरे रहे लगलन। उ चिन्हासी आउर बड़-बड़ स मारथा के काम होइत देखके चकित होवऽ हलन।
[14] जब परेरितमन जे यरूसलेम में हलन, सुनलन कि सामरिय न परमेसर के बचन मान लेलन हे तो पतरस आउर यूहन्ना के उनका भीरी पेठावलन।
[15] ओखनी जाके उनका लेल परारथाना कयलन कि पबित्तर आतमा पावे।
[16] काहेकि उ अबले ओकरा में केकरो पर नञ उतरल हल; उनकनी तो खाली परभु यीसु के नाँव में बपतिसमा लेलन हल।
[17] तब ओ उनका पर हाँथा रखलन आउर उनकनी पबितर आतमा पय लन।
[18] जब स मौन देखलन कि परेरितमन के हाँथा रखे से पबित्तर आतमा देल जा हे, तो उनका भीरी रू पया लाके कहलन,
[19] “ई अखि तयार हमरो दहु, कि जे केकरो पर हाँथा रखिअई उ प बित्तर आतमा पावे।”
[20] पतरस ओकरा से कहलन, “तोर रू पया तोरे ज उरे खतम होय, काहेकि तूँ परमेसर के दान रू पय वन से कीन लेवे के बिचार कय लऽ।
[21] ई बात में नञ तोर हिस्सा हे नञ भाग, काहेकि तहर मन परमेसर के आगू सोझा नञ।
[22] एहिसे अप्पण ई बुराई से मन फिराके परभु से परारथाना करऽ, हो स कऽ हे तोर मन के बिचार माफ कयल जाय।
[23] काहेकि हम देखऽ हि कि तूँ पि त्तस न कड़वा आउर अध् रम के बन्ध् न में पड़ल हे।”
[24] स मौन ज बाव देलन, “तूँ हमरा लेल परभु से पराथाना करहु कि जे बात तूँ कहलऽ, ओकरा में से कोइ हमरा पर नञ पड़य।”
[25] ईसे ओ गवाही देके आउर परभु के बचन सुनाके यरूसलेम बहुर गेलन। आउर सामरिय न के ढेरमनी गाम में सुभसमाचार सुनावइत गेलन।
[26] फिन परभु के एगो स रगदूत फिलिप्पुस के कहलन, “उठऽ आउर दक्खिन दन्ने उ राह पर जा, जे यरूसलेम से गाजा के जा हे।” ई बलुआही राह हे।
[27] उ उठके चल देलन, आउर देखहु, कूस देस के एगो आमदी आ रहलइ हल जे खोजा आउर कूसि य न के रानी कन्दाके के मंन्नी आउर खजांची हल। उ अराधना करे यरूसलेम आयल हल।
[28] उ अप्पन रथा पर बइठल हलन, आउर यसायाह भबिस वक्ता के किताब पढ़इत लउटल जा रहलन हल।
[29] तब आतमा फिलिप्पुस से कहलकय, “नगीच जाके ई रथा के जोरे हो जा।”
[30] फिलिप्पुस ओकरा दन्न धउगल आउर ओकरा यसायाह भबिस वक्ता के किताब पढ़इत सुनलन, आउर पूछलन, “तूँ जे पढ़ रहलऽ हे का ओकरा स मझइवो करऽहु?”
[31] उ कहलन, “ज बले कोइ हमरा नञ स मभ्फावे तो हम कइसे स मझवइ?” आउर उ फिलिप्पुस से बिनती कयलन कि उ चढ़के उनका भीरू बइठे।
[32] पबित्तर सास तर के जे अध्याय उ पढ़इत हल, उ ई हल: “उ भेड़ नियन बध् होवे ला पहुँचावल गेल, आउर जइसे मेमना अप्पण ऊन कतरे वालन के सामने चुप चाप रहऽ हे, ओय सही ऊहो अप्पन मुँह नञ खोललकय।
[33] उनकर दीनता में ओकर नियाय नञ हो स कलय। उनकर बखत के लोग के बखान के करतइ? काहेकि धरती से उनकर परान उठा लेल जा हे।”
[34] एकरा पर खोजा फिलिप्पुस से पूछलकय, “हम तोरा से बिनती करऽ हियो, ई बतावऽ कि भबिस वक्ता ई केकरा बारे में कहऽ हे, अपना चाहे कोनो दोस रा के बारे में?”
[35] तब फिलिप्पुस अप्पण मुँह खोललन, आउर इहे सास्न्न से सुरू करके ओकरा यीसु के स भुस माचार सुनय लन।
[36] राह में चलइत-चलइत ओ कोनो पानी के ज गह पहुँचलन। तब खोजा कहलकय, “देखऽ हीयाँ पानी हे, अब बप ति्तस मा लेवे में का रोक हे।”
[37] फिलिप्पुस कहलन, “जे तूँ स उँसे मन से बिसवास करऽ हे तो ले स कऽ हे।” उ ज बाब देलकय, “हम बिसवास करऽ ही कि यीसु मसीह परमेसर के बेटा हथ।”
[38] तब उ रथा खड़ा करे के आग्यां देलन, आउर फिलिप्पुस आउर खोजा दून्नों पानी मे हेल गेलन, आउर उ खोजा के बपतिसमा देलन।
[39] जब ओ पानी से निकस के ऊपर अयलन, तो परभु के आतमा फिलिप्पुस के उठा ले गेलइ, आउर खोजा उनका फिन नञ देखलकय, आउर खुस होइत अप्पन राह पर चल गेलइ।
[40] फिलिप्पुस अस दोद पहुँचलन, आउर जबले कैस रिया में नञ पहुँचलन, तबले स हरे-स हर सुभसमाचार सुनइते गेलन।