[1] जब हमनी उनका से अलग होके ज हाज खोललिअई, तो सोझा राह से कोस अय लिअई, आउर दोस रका दिन रू दुस आउर हुआँ से पतरा।
[2] हुआँ एगो ज हाज प फीनी के जाय वाला मिललइ, आउर हमनी ओकरा पर चढ़के चल देलिअई।
[3] ज ब साइप्रस देखाय देलकय, तो हमनी ओकरा बायाँ दन्न छोड़ देलियो, आउर सीरिया प हुँचके सूर में उतरली, काहेकि हुआँ ज हाज के माल उतारनाय हल।
[4] चेलमन के पाके हमनी हुआँ सात दिन ले रहलिअई। ओखनी पवित्तर आतमा के सि खावल पौलुस से कहलन कि यरूसलेम में गोड़ नञ रखइहऽ।
[5] जब ओ दिन पूरा हो गेलइ, त हमनी हुआँ से चल देलिअई आउर सभ कोइ अउरतिय न आउर बचवन स मेत हमनी के स हर के बाहिर तक पहँचय लन; आउर हमनी किनारा पर ठेहुनिया देके परारथाना कय ली,
[6] त एक दोस रा से बिदा होके, हमनी त ज हाज पर चढ़ली आउर अप्पण-अप्पण घरे लउट गेली।
[7] तब हमनी सूर से पानी के जातरा पूरा करके पुतलिमयि स पहुँचलिअई, आउर भाय वन के नमस्ते करके उनका जोरे एक दिन रहलिअई।
[8] दूस रका दिन हमनी हुआँ से चलके कैस रिया अय लियो, आउर फिलिप्पुस सुभसमाचार परचारक के घर में जे सातो में से एगो हल; जाके ओकरा हियाँ रहलिअई।
[9] उनकरा चार गो कुमारी बेटी हल, जे भबिसबानी करऽ हली,
[10] जब हमनी हुआँ ढेर दिन रह चुकलिअई, त अगबुस नाँव के एगो भबिस वक्ता यहूदिया से अयलन।
[11] ऊ हमनी भीरी आके पौलुस के कमरकस लेलन, आउर अप्पण हाँथा गोड़ बाँध के कहलन, “प वित्तर आतमा ई कहऽ हे कि जे आमदी के ई कमरकस हे, ओकरा यरूसलेम में य हूदी ईहे ते बाँध् तइ, आउर आन जाब के हाँथे स उँप तई।”
[12] जब हमनी ई बात सुनली, तो हमनी आउर हुआँ के लोग सब उनखा से बिनती कय लिअई कि यरूसलेम नञ जा।
[13] बाकि पौलुस ज बाब देलन, “तोहनी का करइत हऽ कि रो-रो के हमर करेजा तोड़इत हऽ? हम त परभु यीसु के नाँव लागी यरूसलेम में नञ खाली बान्ध् ल जाइये ला बलुक मरइयो ला तइयार हिअई।”
[14] जब ऊ नञ मानलन तो हमनी ई कहके चुप हो गेली, “प रभु के हिच्छा पूरा होय।”
[15] एकरा बाद हमनी तइयारी कय ली आउर यरूसलेम लागी चल देली।
[16] कैस रियो से कुछ चेलमन हमनी जोरे हो गेलन, आउर हमनी के मनासोन नाँव के साइप्रस के एगो पुरान चेला के हीयाँ ले आय लन, कि हमनी ओकरा हीयाँ रहिअई।
[17] जब हमनी यरूसलेम पहुँचली, तो भाय खुब खुसी से हमनी से मिललन।
[18] दोस रका दिन पौलुस हमनी के लेके याकूब के भीरी गेलन, ज हँ सब पुरनिया ए कट्ठा हलन।
[19] तब ऊ ओखनी के नमस्ते करके, जे जे काम परमेसर उनखर सेवा से आन जात में कयले हलथी, ए क-ए क करके सभ बतय लथी।
[20] ओखनी ई सुनके परमेसर के महिमा कयलन, फिन उनखा से कहलन, “ऐ भाय, तूँ देखइत हे कि यहूदियन में से कइ हजार बिसवास कयलन हे आउर सब बेबसथा ला धुन लगलये हथ।
[21] उनका तोरा बारे में सि खाय ल गेल हे कि तूँ आन जात में रहेवाला यहूदियन के मूसा से फिर जाय के सिखावऽ हे, आउर कहऽ हे, कि नञ अप्पण बचवन के खतना करावऽ आउर परथा पर नञ चलहु।
[22] तो फिन का करल जाय? लोग ज रूर सुनतइ कि तूँ आय लऽ हे।
[23] एहिसे जे हम तोरा से कहइत ही, ऊ करऽ। हमनी हियाँ चार गो आमदी हिअई जे मन्न त मानली हे।
[24] ओखनी के लेके उनका जोरे अपनही अप ने के सुद्ध करऽ, आउर उनका ला खरचा दहू कि ओ माथा मुड़वावे। त सब जान लेतइ कि जे बात उनका तोरा बारे में बतावल गेलइ, ओकरा में कुछ स च्चाइ नञ हे बाकि तूँ अपनही बेबसथा के मानके ओकरे मोताबिक चलऽ हे।
[25] बाकि ओ आन जात के बारे में जे बिसवास कयलन हे, हमनी ई पक्का करके लिख भेज ली हे कि ओ मूरति पर चढ़ावल मांस से, आउर खून से आउर गियारी दबा के मारल मांस से, आउर बेभिचार से बचल रहय।”
[26] तब पौलुस ऊ आमदिय न के लेके, आउर दोस रका दिन उनकरा जोरे सुद्ध होके मनि्दल में गेलन, आउर हुआँ बता देलन कि सुद्ध होवे के दिन, माने ओखनी में से हरेक ला चढ़ावा चढ़ावे तक के दिन कब पूरा होतइ।
[27] जब ओ सात दिन पूरा होय पर हल, तो आसिया के य हूदिवन पौलुस के मनि्दल में देखके स भलोग के उस कय लकय, आउर चिचिया के उनखा पकड़ लेलकय,
[28] “हे इस राय लिय न, मदत करहू, ई उहे आमदी हे, जे लोग के, आउर बेबसथा के, आउर ई जगह के खिलाप फ में सब जगह सभ लोग के सिखावऽ हे, हीयाँ ले कि यूनानिय नों के मनि्दल में लाके ऊ ई पवित्तर जगह के गन्दा कय लक हे।”
[29] उनकनी एकरा से पहिले इपि फसुस के बसि न्दा त्नुपि फमुस के उनखा जोरे सहर में देखलन हल, आउर स मझलन हल कि पौलुस ओकरा मनि्दल में ले आयल हे।
[30] तब स ऊँसे सहर में हल्ला मच गेलइ आउर लोग ध् उग के ए कट्ठा होलन आउर पौलुस के पकड़के मनि्दल के बाहिर घिसि याके लय लन, आउर तुरत दुआर बन्द कय ल गेलइ।
[31] जब ओ उनखा मार देवे चाहइत हलन, तो पलटन के सरदार के स नेस प हुँचल कि सँऊसे यरूसलेम में दंगा हो रहलइ हे।
[32] तब ऊ तुरत सि पहिमन आउर सूबेदारवन के लेके ओखनी भीरी ध् उगलन, आउर उनकनी पलटन के सरदार आउर सि पाहिमन के देखके पौलुस के मारना-पीटना छोड़ देलन।
[33] त पलटन के सरदार भीरी आके उनखा पकड़ लेलन; आउर दूगो सि क्कड़ में बाँधे के आग्यां देके पूछे लगलय, “ई के हइ आउर ई कउची कय लक हे?”
[34] बाकि भीड़ में से कोइ कुछ आउर कोइ कुछ चिचिअउते रहलय। जब हल्ला के मारे ऊ सही बात नञ जान स कलय, तो उनखा छावनी ले जाय के आग्यां देलन।
[35] जब ऊ सीढ़ी पर पहुँचलन, त अयसन होलइ कि भीड़ के मारे सि पाहिय न के उनखा उठाके ले जाय पड़लय।
[36] काहेकि लोग के भीड़ ई हल्ला करइत उनखर पीछे पड़ल हल, “ओकरा खतम कर देहु।”
[37] जब ओ पौलुस के छावनी में ले जाय पर हलन, तो ऊ पलटन के सरदार से कहलन, “का हमरा आग्यां हे कि हम तोरा से कुछ कहिअई?” ऊ कहलन, “का तूँ यूनानी जानऽ हे?
[38] का तूँ ऊ मिस री नञ, जे कुछ दिन पहले बिदरोही बनके, चार हजार खूनी के जंगल में ले गेल?
[39] पौलुस कहलन, “हम तो तरसुस के य हूदी आमदी ही। किलिकिया के नामी सहर के बसि न्दा ही। हम तोरा से बिनती करऽ हियो कि हमरा लोग से बात करे दऽ।”
[40] जब ऊ आग्यां देलन, तो पौलुस सीढ़ी पर खड़ा होके लोग के हाँथा से इसारा कयलन। जब ओ चुप हो गेलन तो ऊ इबरानी बोली में बोले लगलन: