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[1] अगरिप्पा पौलुस से कहलन, “तोरा अप्प णा बारे में बोले के आग्यां हे। तब पौलुस हाँथा बढ़ाके ज बाव देवे लगलथी,

[2] “हे राजा अगरिप्पा, जेतना बात के य हूदी हमरा पर दोष लगावऽ हथ, आझ अपने के सामने ओकर ज बाव देवे में हम अपना के धन्‍न स मझऽ ही,

[3] जादे करके एहिसे कि अपने यहूदियन के सब बेहवार आउर बिवाद जानऽ ही। ईसे हम बिनती करऽ ही, धीरज से हमरा सुनऽ।

[4] “हमर चाल-चलन सुरू से अप्पण देस के बीच आउर यरूसलेम में जयस न हल, ऊ सब य हूदी जानऽ हथ।

[5] जे ओ गवाही देवे चाहतइ, त सुरू से हमरा चिन्हऽ हथ कि हम फरीसी होके अप्पण धरम के सबसे बढ़िया पंथा के मोताबिक चलली।

[6] आउर अब ऊ कस म में आसा के ओज ह जे परमेसर हम्मर पूरखन से कय ले हलथिान, हमरा पर मोकदमा चलइत हे।

[7] ऊहे कस म के पूरा होवे के उम्मेद लगय ले, हमनी के बारहो गोरा अप्पण स ऊँसे मन से रात-दिन परमेसर के सेवा करइत आय ल हे। हे राजा, इहे आसा के बारे में य हूदी हमरा पर दोष लगावऽ हथ।

[8] ज बकि परमेस र मरल के जि यावऽ हथ, तो अपने हीयाँ ई बात काहे बिसवास के जोग नञ स मझल जा हे?

[9] हम्हुं स मझली हल कि यीशु नास री के नाँव के बिरोध् में हमरा ढेरक चीज करे के चाही।

[10] आउर हम यरूसलेम में अय स ने कय ली, आउर परधान याज कवन से अखि तयार पाके ढेरस न पवित्तर लोग के जेहल में डालली, आउर जब ओ मारल ज इत हलन तो हम्हुं उनकरा बिरोध् में अप्पण राय दे हलिए।

[11] सभ अराधनालय में हम ओखनी के दुख दिला-दिलाके यीसु के सिकायत करवावऽ हलिए, हीयाँ ले कि खीस के मारे अयसन पागल हो गेली कि बाहर के स हरो में जाके ओखनी के स तावऽ हलिए।

[12] “ईहे धुन में जब हम परधान याजकवन से अखि तयार आउर आग्यां के चिट्‌ठी लेके दमिस्क ज इत हलिए,

[13] त हे राजा, राह में दूप हरिया के बखत हम आकास से सुरू ज के तेजो से जादे एगो इंजोर, अपना आउर अपना जोरे चलेवाला के चारो दन्‍न चमकइत देखलिए।

[14] जब हम सभ भुइयाँ पर गिर पड़लिए, तो हम इब्रानी बोली में, हमरा से ई कहइत एगो आवाज सुनलिए, ‘साऊल, हे साऊल, तूँ हमरा, काहे स तावऽ हे? पइना पर लात मारनाय तोरा ला मोस किल हे।’

[15] हम कहलिए, ‘हे परभु, अप ने के हीअई?’ परभु कहलथिान, ‘हम यीसु हि जेकरा तूँ स तावऽ हे।

[16] बाकि तूँ उठ, अप्पन गोड़ पर खड़ा हो, काहेकि हम तोरा एहिसे दरस न देली हे कि तोरा ओ बातो के सेवक आउर गवाह बनइयो, जे तूँ देखलऽ हे, आउर उनकरो जिनका ला हम तोरा दरस न देबइ।

[17] आउर हम तोरा तोहर लोग से आउर आन जात से बचइते रहबो, जिनका भीरी हम अब तोरा एहिसे भेजऽ ही

[18] कि तूँ उनकर आँखि खोलऽ कि ओ अन्धार से इंजोर दन्ने, आउर सैतान के अखि तयार से परमेसर दन्‍न इंजोर, कि पाप के माप फी आउर ओखनी जोरे जे हमरा पर बिसवास करे से पवित्न कयल गेल हथ, तरका पावय।

[19] “ईसे हे राजा अगरिप्पा, हम ऊ स रगी दरस न के बात नञ टालली,

[20] बाकि पहिले दमिस्क के, फिन यरूसलेम के, आउर तब यहूदिया के स उँसे देस के बासि न्दा के, आउर आन जात के स मझइते रहलिए, कि मन फिरावऽ आउर परमेस र दन्ने मुड़के मन फिराव लाय क काम करहू।

[21] ई बात के मारे य हूदी हमरा मनि्दल में पकड़के मार देवे के कोरसि स करऽ हलन।

[22] बाकि परमेसर के मदत से हम आझले बनल ही आउर छोट बड़ सभ के सामने गवाही दे ही, आउर ऊ बात के छोड़ कुछ नञ कहऽ ही जे भबिसवक्तवन आउर मूसो कहलथिान कि होवैइया हइ,

[23] कि मसीह के दुख उठावे होतइ, आउर ऊहे सबसे पहिले मरल में से जीउ उठके, हमनी के लोग में आउर आन जात में इंजोर के परचार करतई।”

[24] जब ऊ ई तरह ज बाब देइत हलथी, तो फेस्तुस जोर से कहलन, “हे पौलुस, तूँ पागल हे। ढे़र विदया तोरा पागल कर देलक हे।” बाकि पौलुस कहलथी, ‘हे महामहिम फेस्तुस, हम पागल नञ, बाकि स च्चाइ आउर बुदि्ध के बात कहऽ हियो।

[26] राजो जिनका सामने हम निडर होके बोलइत ही, ई बात जानऽ हथ, आउर हमरा बिस वास हे कि ई सभ बात में से कोइ उनका से छिप ल नञ, काहेकि ई घटना कोनो कोना में नञ होलय।

[27] हे राजा अगरिप्पा, का अपने भबिसवक्तवन के भरोसा करऽ ही? हाँ, हम जानऽही कि अपने बिसवास करऽ ही।”

[28] तब अगरिप्पा पौलुस से कहलन, “तूँ थोरेक्‍के स मझावे से हमरा मसीही बनावे चाहऽ हे?

[29] पौलुस कहलथी, “परमेसर से हमर परारथाना हे कि का थोरे में का बेसी में, खाली तूँ ही नञ बाकि जेतना लोग आझ हमर सुनइत हथ, ई बन्ध् न के छोड़े ओ हमरे नीय न हो जाथा।”

[30] तब राजा आउर राज पाल आउर बिरनीके आउर उनखा जोरे बइठे वाला उठ खड़ा होलन,

[31] आउर अ लग जाके अपना में कहे लगलन, “ई आमदी अ य स न तो कुछ नञ करऽ हे, जे मउत के सजा चाहे जेहल भेजे जोग होय।”

[32] अ गरिप्पा फेस्तुस से कहलथिान, “जे ई आमदी कैसर के दोहाइ नञ देतइ हल, तो छूट स कऽ हल।”

परेरितमन के काम — Chapters